पिता-पुत्र की जोड़ी ने मिलकर 50 ग्राम बीज से शुरू किया प्रयोग, अब बीघेभर में चिया सीड उत्पादन
खेती में हर साल गेहूं लगाने से घटते उत्पादन को देख उज्जैन के एक युवा किसान ने किसानी का ट्रेंड बदलने का बीड़ा उठाया।
एग्रीकल्चर से बीएससी डिग्री कर चुके ग्राम पिपलोदा द्वारिकाधीश निवासी राजवर्धनसिंह पंवार ने अपने पिता वीरेंद्रसिंह पंवार के साथ मिलकर खेत में औषिध फसल चिया सीड लगाई और एक बीघा में ही एक लाख रुपए की आमदनी का रिकॉर्ड बना दिया।
किसान वीरेंद्रसिंह बताते हैं बेटे ने 2 साल पहले शुरुआत में 50 ग्राम बीज लगाकर इसका प्रयोग किया। अब इस साल पौन बीघा में ही 800 ग्राम बीज लगाए।
हार्वेस्टर से कटाने पर 3.50 क्विंटल का उत्पादन मिला है। नीमच मंडी में चिया सीड 20-25 हजार रुपए प्रति क्विंटल के भाव पर बिक रही है।
इस मान से पौन बीघा से मिले चिया सीड के उत्पादन से ही 75 से 95 हजार रुपए की आमदनी हुई है। हार्वेस्टर से पहली बार कटाई कराने पर करीब 50 किलो उपज हवा में ही उड़ गई।
यानी एक बीघा जमीन से चिया सीड एक लाख की आमदनी देता है। जबकि गेहूं में ज्यादा पूंजी व ज्यादा मेहनत करने के बावजूद अधिकतम 10 क्विंटल पर 26-27 हजार रुपए की आमदनी होती।
वीरेंद्रसिंह व राजवर्धनसिंह की पहल के बाद गांव के कुछ अन्य किसान भी चिया सीड लगाने लगे हैं। इस साल रबी सीजन में इस फसल का रकबा बढ़ने की उम्मीद है।
शुरुआत में मल्टी विटामिन दें
कृषि से बीएससी करने वाले राजवर्धनसिंह ने बताया कि खेत में गोबर खाद डालकर चिया सीड की बोवनी की।
फिर एक बार मल्टीविटामिन का छिड़काव कर दिया। बीच में एक बार पत्ते मुड़ने लगे तो सिंचाई कर दी। इससे फसल फिर अच्छी हो गई।
चिया सीड प्रति बीघा औसतन 4 क्विंटल उत्पादन देगा। इससे किसान को एक बीघा से एक लाख रुपए की आमदनी होगी।
हवा से बचाने चारों तरफ चरी लगाई
राजवर्धनसिंह ने बताया कि चिया सीड को तेज हवा से बचाव करना होता है। सीड के चारों तरफ चरी या अन्य बड़ी फसल लगा दी जाए, ताकि वह फसल हवा को रोक दें और चिया सीड फसल आड़ी न पड़े, क्योंकि चिया सीड की हाइड 5-7 फीट ऊंची होती है।
चिया सीड में गेहूं से मुनाफा ज्यादा
उज्जैन परियोजना संचालक के.एस. कैन ने बताया कि पिपलोदा के किसान वीरेंद्रसिंह और राजवर्धनसिंह ने चिया सीड की शुरुआत कर अन्य किसानों के लिए नए विकल्प के रास्ते खोले हैं।
गेहूं की तुलना में चिया सीड फसल में मुनाफा भी ज्यादा है। अब अन्य किसान भी चिया सीड लगाने के लिए आगे आने लगे हैं।
