अब आसान नियमों के साथ किसानों को मिलेगा बिना ब्याज के 3 लाख रुपए का लोन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में किसानों के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण (Short-term Crop Loan) योजना की नई शर्तों को मंजूरी दी गई है। जानिए अब कैसे मिलेगा ₹3 लाख तक का लोन।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई अहम मंत्रि-परिषद (Cabinet Meeting) की बैठक में मध्य प्रदेश के विकास और जनकल्याण के लिए कई बड़े फैसले लिए गए हैं।

कैबिनेट ने राज्य के सर्वांगीण विकास और सांस्कृतिक गौरव को बढ़ावा देने के लिए 5 हजार 960 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं को मंजूरी दी है।

इस बैठक का सबसे बड़ा फायदा राज्य के अन्नदाताओं (किसानों) को मिला है। सरकार ने किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए शून्य प्रतिशत (0%) ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण योजना की नई और बेहद आसान शर्तों को सैद्धांतिक सहमति दे दी है।

 

फसल ऋण योजना में क्या हुआ बदलाव?

अब तक किसानों को खरीफ और रबी सीजन के लिए अलग-अलग समय पर लोन चुकाना होता था, जिससे उन पर दबाव रहता था।

लेकिन अब मोहन यादव सरकार ने इस प्रक्रिया को बेहद सरल बना दिया है :

  • सालाना एक ही लिमिट (Annual Single Limit): अब खरीफ और रबी सीजन के लिए अलग-अलग देय तिथि (Due Date) नहीं होगी। इसके स्थान पर एक ‘वार्षिक एकल ऋण सीमा’ तय की जाएगी, जिसमें नकद और वस्तु (खाद-बीज) लोन की उप-सीमा निर्धारित रहेगी।
  • 12 महीने का मिलेगा समय: किसानों द्वारा स्वीकृत वार्षिक लिमिट से पहली बार पैसा निकालने (First Loan Withdrawal) की तारीख से पूरे 12 महीने तक का समय लोन चुकाने के लिए मिलेगा।
  • ब्याज अनुदान और प्रोत्साहन (Interest Subsidy): अल्पावधि फसल ऋण लेने वाले किसानों को सरकार की तरफ से 1.25 प्रतिशत (सामान्य) ब्याज अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा, जो किसान तय समय सीमा (Due Date) के भीतर अपना कर्ज चुका देंगे, उन्हें 4 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन ब्याज अनुदान राज्य सरकार द्वारा दिया जाएगा।

 

2012-13 से निरंतर चल रही है योजना

मध्य प्रदेश में जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों से जुड़ी प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (PACS) के माध्यम से किसानों को 0% ब्याज पर ऋण देने की यह योजना साल 2012-13 से लगातार चल रही है।

योजना का मुख्य नियम: इस योजना के तहत समय पर कर्ज चुकाने वाले किसानों को ₹3 लाख तक के अल्पावधि फसल ऋण (Short-term Crop Loan) पर कोई ब्याज नहीं देना होता है, यानी यह पूरी तरह मुफ्त (0% Interest) होता है।

 

कैसे काम करती है शून्य ब्याज ऋण योजना?

राज्य सरकार हर साल इस योजना के लिए एक बेस रेट (Base Rate) और ड्यू डेट तय करती है। इस बेस रेट में से केंद्र सरकार (भारत सरकार) से मिलने वाली ब्याज सहायता को घटा दिया जाता है।

इसके बाद जो भी बची हुई राशि होती है, उसे मध्य प्रदेश सरकार खुद ‘ब्याज अनुदान’ के रूप में वहन करती है।

यही वजह है कि एमपी के किसानों को बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय बोझ के शून्य प्रतिशत पर खेती के लिए लोन मिल जाता है।

इस नए फैसले से राज्य के लाखों किसानों को खाद, बीज और खेती से जुड़ी अन्य जरूरतों के लिए समय पर और बिना किसी मानसिक तनाव के पैसा मिल सकेगा।