जानिए 10,000 किसान उत्पादक संगठन FPO योजना का पूरा अपडेट! कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने लोकसभा में दी जानकारी, हजारों किसान उत्पादक संगठनों का कारोबार पहुंचा करोड़ों रुपये के पार।
केंद्र सरकार की 10,000 किसान उत्पादक संगठन (FPO) योजना देश के किसानों के लिए बड़ा बदलाव लेकर आई है।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अनुसार वर्ष 2020-21 से अब तक 10,000 एफपीओ का गठन किया जा चुका है, जिनसे 65 लाख से अधिक छोटे और सीमांत किसान जुड़े हैं।
योजना का उद्देश्य किसानों को संगठित कर उनकी आय बढ़ाना, बेहतर बाजार उपलब्ध कराना और कृषि को लाभकारी बनाना है।
कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने हाल ही में लोकसभा में एक लिखित उत्तर के माध्यम से इस योजना की प्रगति और इससे जुड़ी शानदार सफलताओं को साझा किया है।
हजारों FPO कर रहे हैं करोड़ों का कारोबार
वर्ष 2020-21 से शुरू की गई इस योजना के तहत अब तक 10,000 FPO का गठन हो चुका है। ये FPO केवल खेती तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कृषि इनपुट आपूर्ति, उपज का एकत्रीकरण, मूल्यवर्धन (Value Addition), प्रसंस्करण (Processing), बीज उत्पादन, डिजिटल वाणिज्य (E-Marketplace) और निर्यात प्रोत्साहन जैसे बड़े व्यावसायिक कार्य कर रहे हैं।
वर्ष 2024-25 के लेखापरीक्षित वित्तीय विवरणों के अनुसार, एफपीओ के कारोबार में जबरदस्त उछाल देखा गया है:
- 6,964 FPO: जिनका कारोबार 50 लाख रुपये तक है।
- 862 FPO: जिनका कारोबार 50 लाख रुपये से 1 करोड़ रुपये के बीच है।
- 1,135 FPO: जिनका कारोबार 1 करोड़ रुपये से अधिक दर्ज किया गया है।
किसान उत्पादक संगठनों को मिलने वाली सहायता और अनुदान
सरकार इस योजना के माध्यम से FPO को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हरसंभव वित्तीय और ढांचागत मदद मुहैया करा रही है:
- प्रबंधन सहायता: प्रारंभिक 3 वर्षों के दौरान प्रबंधन खर्चों के लिए प्रति FPO 18 लाख रुपये तक की सहायता।
- मैचिंग इक्विटी अनुदान: पूंजी आधार मजबूत करने के लिए प्रति FPO 15 लाख रुपये तक का अनुदान।
- ऋण गारंटी सुविधा: संस्थागत ऋण आसानी से मिलने के लिए 2 करोड़ रुपये तक के प्रोजेक्ट लोन पर गारंटी।
- हैंड होल्डिंग सपोर्ट: क्लस्टर-आधारित व्यवसाय संगठनों (CBBO) के जरिए 5 वर्षों तक विशेष मार्गदर्शन।
आंकड़ों के अनुसार, अब तक पंजीकृत FPO को प्रबंधन लागत के रूप में 827.81 करोड़ रुपये और मैचिंग इक्विटी अनुदान के रूप में 631.98 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।
लाखों किसानों को मिल रहा ‘इकोनॉमी ऑफ स्केल’ का फायदा
इस योजना के तहत अब तक 65 लाख से अधिक शेयरधारकों (मुख्य रूप से छोटे और सीमांत किसानों) को संगठित किया गया है।
बेहतर व्यापारिक सहूलियत के लिए इन FPO के पास विभिन्न लाइसेंस भी उपलब्ध हैं:
- 6,928 FPO के पास बीज लाइसेंस
- 4,987 FPO के पास कीटनाशक लाइसेंस
- 6,650 FPO के पास उर्वरक लाइसेंस
- इसके अलावा, 5,765 FPO के पास अपनी खुद की प्रसंस्करण (Processing) इकाइयां हैं और 3,083 FPO ऋण गारंटी सुविधा का लाभ उठा चुके हैं।
राष्ट्रीय कृषि विज्ञान अकादमी ने भी अपने नीति पत्र संख्या 144 में FPO को बढ़ावा देने, संस्थागत खरीदारों से जोड़ने और अनुसंधान एवं विकास (R&D) के साथ उनके संबंधों को मजबूत करने जैसी कई महत्वपूर्ण सिफारिशें की हैं, जिससे आने वाले समय में देश के किसानों को और अधिक वैश्विक और घरेलू बाजार के अवसर मिलेंगे।
