मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में ‘कवच योजना’ समेत 32,070 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को मंजूरी दी गई। जानें इस योजना से किसानों को कैसे मिलेगा लाभ।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित मंत्रालय में मंगलवार, 4 अगस्त को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद (MP Cabinet) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक में राज्य के सर्वांगीण विकास, जन-कल्याण और बुनियादी ढांचे को गति देने के लिए कुल 32,070 करोड़ रुपये की योजनाओं और प्रस्तावों को हरी झंडी दिखाई गई।
राज्य सरकार के इन ऐतिहासिक निर्णयों का मुख्य केंद्रबिंदु किसान कल्याण, स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण, खेल अधोसंरचना का विस्तार, डिजिटल गवर्नेंस और शिक्षकों का हित संवर्धन है।
कवच योजना को मिली मंजूरी
बैठक में किसान कल्याण को सर्वोपरि रखते हुए सहकारिता विभाग की ‘कवच योजना’ (Kavach Yojana) को आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है।
सरकार के अनुसार कई किसानों के ऋण खातों में तकनीकी या प्रशासनिक गड़बड़ियां होने के कारण वे नई सरकारी योजनाओं और ऋण सुविधाओं से वंचित थे।
अब कवच योजना के माध्यम से ऐसे किसानों को फिर से मुख्यधारा में लाया जाएगा और उन्हें नया ऋण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
कवच योजना में वित्तीय प्रावधान और सहायता:
- बैंकों की भूमिका: इस योजना के तहत प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए अपैक्स बैंक (Apex Bank) और जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों द्वारा अपने स्तर पर 50 करोड़ रुपये तक की निधि का निर्माण किया जाएगा।
- राज्य सरकार की मदद: मध्य प्रदेश शासन द्वारा किसानों के हित में 25 करोड़ रुपये की अंशपूंजी (Share Capital) की सहायता एक बार उपलब्ध कराई जाएगी।
- 5 हजार किसानों को मिलेगा लाभ: इस योजना के लागू होने के बाद प्रभावित लगभग 5 हजार किसानों को नया ऋण मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा, जिससे वे एक बार फिर सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठा सकेंगे।
32,070 करोड़ रुपये के अन्य प्रमुख निर्णय
कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास को रफ़्तार देने वाले कई अन्य प्रस्तावों पर भी मुहर लगी, जो निम्नलिखित क्षेत्रों पर केंद्रित हैं:
- स्वास्थ्य सेवाएं: प्रदेश के अस्पतालों और चिकित्सा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करना।
- खेल अधोसंरचना: युवाओं को बढ़ावा देने के लिए खेल मैदानों और सुविधाओं का विस्तार।
- डिजिटल गवर्नेंस: प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और तकनीकी दक्षता लाने के लिए डिजिटल सशक्तिकरण।
- शैक्षणिक संवर्ग: शिक्षकों और शिक्षा से जुड़े कर्मचारियों के हितों का संवर्धन।
