सतना के ‘बीज पुरुष’ जिन्होंने 275 विलुप्त देसी फसलों को दिया नया जीवन
बाबूलाल दहिया की अनकही कहानी सतना के पद्मश्री बाबूलाल दहिया महज एक किसान नहीं, बल्कि भारतीय कृषि के जीवित पुस्तकालय हैं. 82 वर्ष की उम्र में भी वे उन 200 से अधिक देसी बीजों को सहेज रहे हैं, जिन्हें दुनिया भूल चुकी थी. जहां आज लोग तिजोरियों में सोना-चाँदी भरकर रखते हैं, वहीं दहिया जी … Read more