किसान जल्दबाजी न करें, जमीन में 9 इंच तक नमी न हो तो बीज न डालें

प्री मानसून में सिर्फ 14.4 मिमी बारिश, पिछली बार 89.4 मिमी हुई थी

मानसून अभी तक सक्रिय नहीं होने से तापमान भी बढ़ा हुआ है। मानसून 8 तारीख से महाराष्ट्र में अटका है। अलनीनो का बहुत अधिक असर है। 27 तारीख के बाद मौसम में थोड़ी हलचल होगी।

तीन दिन बाद फिर डाउन हो जाएगा। ये पानी नहीं गिरा तो मानसून जुलाई के दूसरे सप्ताह में आने की संभावना है।

किसानों के पास बोवनी के लिए समय है। अभी बोवनी की जल्दबाजी नहीं करें। जमीन में 9 इंच की गहराई तक पर्याप्त नमी न पहुंच जाए, तब तक खेतों में बीज बिल्कुल न डालें।

 

मानसून में देरी का असर… पिछले साल से 9 डिग्री पारा ज्यादा

किसान 15 जुलाई तक सोयाबीन, कपास और मक्का की बोवनी कर सकेंगे। इसके बाद सोयाबीन-मक्का लगाने में समस्या हो सकती है।

मौसम के अनुरुप आकस्मिक प्लान में फिर मूंग और उड़द लगाया जा सकता है। इसके के ब बाद बाद सोयाबीन-मक्का लगाने में समस्या हो सकती है।

रविवार को अधिकतम तापमान 39.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23.0 डिग्री रहा। आज ही के दिन पिछले साल अधिकतम तापमान 30.1 और न्यूनतम तापमान 20.4 डिग्री था।

इस मान से तापमान 9.4 डिग्री अधिक है। प्री मानसून में अब तक सिर्फ 14.4 मिमी बारिश हुई है। पिछले साल इस समय तक 89.4 मिमी बारिश हो चुकी थी। करीब 40% किसान बोवनी भी कर चुके थे।

 

पर्याप्त पानी हो तो ही करें बोवनी

जिन किसानों के पास पानी की भरपूर व्यवस्था है तो वो पलेवा देकर बतर आने पर भूमि उपचार करके बुआई करें।

क्योंकि उमस अधिक हो रही है। जमीन में कीड़े-बीमारी बढ़ जाएगी। क्लोरपारिपास और ट्राइकोडर्मा विरिडी से उपचारित करके ही बोवनी करें नहीं तो बीज सड़ जाएगा।

 

आगे क्या…?

मप्र के 36 जिलों में प्री-मानसून गतिविधियां जारी रह सकती हैं। पिछले 24 घंटे में प्रदेश के 15 जिलों में बारिश हुई।