प्रति बूंद अधिक फसल योजना : ड्रिप-स्प्रिंकलर सिंचाई पर किसानों को 55% तक सब्सिडी

प्रति बूंद अधिक फसल योजना के तहत ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई के लिए छोटे-सीमांत किसानों को 55% और अन्य किसानों को 45% तक वित्तीय सहायता मिलती है। जानें पात्रता, सीमा और योजना के फायदे।

 

वर्ष 2025-26 के दौरान महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, गुजरात और राजस्थान में PDMC के तहत सर्वाधिक क्षेत्रफल कवर किया गया है। इस अवधि में 12.30 लाख से अधिक किसान लाभान्वित हुए, जिनमें लगभग 20 प्रतिशत महिला किसान शामिल हैं।

 

किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है PDMC योजना?

देश में उपलब्ध जल संसाधनों का 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सा कृषि सिंचाई में इस्तेमाल होता है, जबकि शुद्ध बोए गए क्षेत्र का लगभग आधा हिस्सा ही सिंचाई सुविधा का लाभ ले रहा है। ऐसे में पानी का अधिक कुशल इस्तेमाल कृषि क्षेत्र की प्रमुख आवश्यकता है।

ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी तकनीकें पानी को अधिक कुशलता से फसल तक पहुंचाने के साथ किसानों की सिंचाई लागत और अन्य इनपुट खर्च कम करने में मदद कर सकती हैं।

योजना का उद्देश्य इसी तकनीक को वित्तीय सहायता के जरिए अधिक किसानों की पहुंच में लाना है।