एमपी में अब तक में 31.1 इंच गिरा पानी, प्रदेश के 31 जिले अब भी पिछड़े

मध्यप्रदेश में अब तक 31.1 इंच बारिश हुई है, जो सामान्य से 6% कम है। 12 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई, जबकि 31 जिले अभी भी पीछे हैं। पूर्वी हिस्से में बारिश बेहतर रही, पश्चिमी मध्यप्रदेश में कमी बरकरार है।

मऊगंज में सबसे ज्यादा 53 इंच और आलीराजपुर में सबसे कम 13.6 इंच बारिश हुई। अगले 4 दिन रीवा-शहडोल संभाग में तेज बारिश के आसार हैं।

मध्य प्रदेश में मानसून अब तक सामान्य बारिश के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाया है। प्रदेश में 790.8 मिलीमीटर यानी 31.1 इंच बारिश दर्ज हो चुकी है, जो इस अवधि के सामान्य 33.1 इंच से करीब 2 इंच कम है।

कुल मिलाकर प्रदेश में सामान्य से 6 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि, पिछले एक सप्ताह में पूर्वी मध्यप्रदेश में हुई तेज बारिश ने तस्वीर काफी बदली है।

 

अगले 4 दिन रीवा-शहडोल संभाग पर ज्यादा असर

मौसम केंद्र के अनुसार 11 सितंबर तक रीवा और शहडोल संभाग में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है।

प्रदेश के बाकी हिस्सों में हल्की बारिश होने के आसार हैं। 12 सितंबर के बाद नया मौसम तंत्र सक्रिय होने पर प्रदेश के कई हिस्सों में फिर बारिश बढ़ सकती है।

 

12 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

प्रदेश के भोपाल, राजगढ़, शिवपुरी, निवाड़ी, मैहर, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज और उमरिया में सामान्य से ज्यादा बारिश हो चुकी है।

वहीं उमरिया, अनूपपुर, आगर-मालवा, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, ग्वालियर, गुना, दतिया, खरगोन और बुरहानपुर में सामान्य बारिश का 90 प्रतिशत से ज्यादा कोटा पूरा हो चुका है।

 

बारिश से कहीं राहत, कहीं नुकसान

सोमवार को इंदौर में करीब 2 इंच बारिश हुई। बारिश के दौरान कार पर पेड़ गिरने से एक महिला की मौत हो गई। पीथमपुर में भी कई दिनों बाद तेज बारिश हुई।

भिंड के अंबाह में क्वारी नदी का जलस्तर बढ़ने से रूपाहटी के पास पुल क्षतिग्रस्त हो गया। आष्टा में भी तेज बारिश दर्ज की गई।

प्रदेश में सामान्य मानसूनी बारिश 37.3 इंच मानी जाती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश करीब 38 से 39 इंच रहती है। अभी सीजन खत्म होने से पहले बारिश की भरपाई की उम्मीद बनी हुई है।