एमपी में मानसून की रफ्तार थमी: भारी बारिश से राहत, 37 जिलों में कोटा अभी तक अधूरा

मानसून के करीब 15 दिन बाकी हैं, लेकिन मध्य प्रदेश में अब तक सामान्य से 6% कम बारिश हुई है।

37 जिलों में बारिश का कोटा पूरा नहीं हुआ है। पूर्वी मध्य प्रदेश बेहतर स्थिति में है, जबकि पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में 2 से 49% तक कमी बनी हुई है। 15 सितंबर से बारिश की रफ्तार घटने का अनुमान है।

मध्य प्रदेश में मानसून सीजन खत्म होने में करीब 15 दिन बाकी हैं, लेकिन प्रदेश में अब तक सामान्य बारिश का आंकड़ा पूरा नहीं हो पाया है।

834.4 मिमी यानी 32.8 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 886.6 मिमी यानी 34.9 इंच होनी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में अब तक 6% बारिश कम है।

सबसे बड़ा अंतर पश्चिमी मध्य प्रदेश में बना हुआ है। इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम समेत कई जिलों में बारिश सामान्य से कम है।

प्रदेश के 37 जिलों में अभी बारिश का कोटा पूरा नहीं हुआ है। इसके उलट भोपाल, ग्वालियर समेत 23 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

पिछले चार दिनों से पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर चल रहा था। सोमवार को भी कुछ जिलों में तेज बारिश हुई, लेकिन मंगलवार से मानसूनी तंत्र कमजोर होने का अनुमान है।

मौसम विभाग के मुताबिक 15 से 17 सितंबर तक प्रदेश में हल्की बारिश का दौर रह सकता है।

 

अगले चार दिन भारी बारिश से राहत

अगले चार दिनों में प्रदेश में अति भारी या भारी बारिश की संभावना नहीं है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार, 15 सितंबर से बारिश की तीव्रता और क्षेत्रीय विस्तार में धीरे-धीरे कमी आने का पूर्वानुमान है।

 

पश्चिमी एमपी में 2 से 49% तक कमी

पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में बारिश सामान्य से काफी कम है।

आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में 2% से 49% तक कमी दर्ज की गई है।

पूर्वी हिस्से में भी बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी समेत कई जिलों में बारिश सामान्य से कम है। इन जिलों में कमी 2% से 25% तक है