मध्य प्रदेश में खरीफ धान, ज्वार और बाजरा उपार्जन के लिए पंजीयन शुरू

मध्य प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान, ज्वार और बाजरा उपार्जन हेतु किसान पंजीयन जारी है।

10 अक्टूबर 2026 तक ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीकरण कराएं। जानें शुल्क, आवश्यक दस्तावेज और बैंक खाता लिंकिंग नियम।

खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान, ज्वार एवं बाजरा उपार्जन के लिए मध्य प्रदेश में किसान पंजीयन की प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी है।

अब तक राज्य के 13 हजार 508 किसान अपना पंजीयन करा चुके हैं। किसान 10 अक्टूबर 2026 तक अपना पंजीकरण करा सकते हैं।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने प्रदेश के सभी पात्र किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय पर पंजीयन करा लें, ताकि उपार्जन के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

उन्होंने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए राज्य भर में 1,100 से अधिक पंजीयन केंद्र स्थापित किए गए हैं।

 

यहां मुफ्त में होगा किसान पंजीयन

किसानों के लिए ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केंद्रों पर पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था की गई है।

सहकारी समितियों और सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केंद्रों पर भी किसान बिना शुल्क के अपना पंजीयन करा सकते हैं।

 

इन केंद्रों पर देना होगा शुल्क

किसान एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर, लोक सेवा केंद्र और निजी साइबर कैफे के माध्यम से भी पंजीयन करा सकते हैं। इन केंद्रों पर प्रति पंजीयन अधिकतम 50 रुपये शुल्क लिया जा सकता है।

पंजीयन के दौरान किसान के आधार कार्ड, अन्य फोटो पहचान पत्र और भूमि संबंधी दस्तावेजों की जांच की जाएगी। पंजीयन केंद्र को इन दस्तावेजों का रिकॉर्ड रखना भी अनिवार्य होगा।

 

बटाईदार और वन पट्टाधारी किसान कहां कराएं पंजीयन?

सिकमी, बटाईदार, कोटवार और वन पट्टाधारी किसानों के पंजीयन की सुविधा केवल सहकारी समिति तथा सहकारी विपणन संस्था द्वारा संचालित पंजीयन केंद्रों पर उपलब्ध होगी।

इस श्रेणी में पंजीयन कराने वाले सभी किसानों का सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा। सत्यापन पूरा होने के बाद ही उनका पंजीयन मान्य होगा।

 

आधार लिंक बैंक खाते में ही आएगा भुगतान (₹1 ट्रांजेक्शन से होगा सत्यापन)

उपार्जित फसल के भुगतान को पारदर्शी और त्वरित बनाने के लिए सरकार इस बार कड़े कदम उठा रही है:

  • आधार-लिंक्ड बैंक खाता अनिवार्य: किसानों को बिक्री का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर उनके आधार-लिंक्ड बैंक खाते में किया जाएगा।
  • अमान्य खाते: अक्रियाशील (Inactive), संयुक्त (Joint) बैंक खाते तथा फिनो, एयरटेल, पेटीएम जैसे पेमेंट बैंक खाते पंजीयन में मान्य नहीं होंगे।
  • ₹1 का टेस्ट ट्रांजेक्शन: पंजीयन के दौरान ही किसान के बैंक खाते की सत्यता जांचने के लिए मध्य प्रदेश राज्य आपूर्ति निगम द्वारा ई-उपार्जन/JIT पोर्टल के जरिए ₹1 का ट्रांजेक्शन कर खाते का सत्यापन किया जाएगा।

 

बायोमेट्रिक व ओटीपी से आधार वेरिफिकेशन अनिवार्य
  • पंजीयन और फसल बेचने के दौरान किसान के आधार वेरिफिकेशन (OTP या बायोमेट्रिक) की प्रक्रिया अनिवार्य होगी।
  • भू-अभिलेख (खसरा/खाता) में दर्ज नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होना आवश्यक है। नाम में विसंगति होने पर सत्यापन तहसील कार्यालय द्वारा किया जाएगा।

 

किसानों तक सूचना पहुँचाने के निर्देश

खाद्य मंत्री ने जिला कलेक्टर्स को निर्देश दिए हैं कि जिले व तहसील स्तर पर संचालित आधार पंजीयन केंद्रों एवं डाकघरों (Post Office) में आधार सुविधा केंद्रों को सक्रिय रखा जाए, ताकि किसान बायोमेट्रिक व मोबाइल नंबर अपडेट करा सकें।

इसके साथ ही गांवों में मुनादी (डोडी पिटवाकर), ग्राम पंचायतों के सूचना पटल और मंडियों में बैनर लगाकर किसानों को पंजीयन के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।