मध्य प्रदेश में मानसून अंतिम चरण में है, लेकिन 21 सितंबर तक बारिश का दौर बना रहेगा।
प्रदेश में अब तक 33.1 इंच बारिश हुई है, जो सामान्य से 2.5 इंच कम है। अगले कुछ दिन खासकर कम बारिश वाले जिलों के लिए अहम रहेंगे।
मध्य प्रदेश में मानसून विदाई की ओर बढ़ रहा है, लेकिन जाते-जाते बारिश का एक और दौर प्रदेश को मिल सकता है।
मौसम अरुण शर्मा के अनुसार, 18 से 21 सितंबर तक प्रदेश में बारिश, गरज-चमक और आंधी की गतिविधियां बनी रहेंगी।
22 सितंबर से बारिश सीमित होने लगेगी। यानी मानसून की सक्रियता अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। प्रदेश में अब तक 842.1 मिमी यानी 33.1 इंच बारिश हो चुकी है।
यह सामान्य बारिश 905.3 मिमी यानी 35.6 इंच से करीब 2.5 इंच कम है। इस तरह सीजन में अब तक बारिश सामान्य से 7 प्रतिशत कम है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में कमी ज्यादा है, जबकि पूर्वी हिस्से में स्थिति लगभग सामान्य के आसपास पहुंच गई है।
आखिरी दौर की बारिश से सुधर सकती है तस्वीर
मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक, मानसून की विदाई सितंबर के आखिरी सप्ताह में शुरू होने का अनुमान है। शुरुआत पश्चिमी राजस्थान से हो सकती है।
इसके बाद मध्य प्रदेश में भी इसकी सक्रियता धीरे-धीरे कम होगी। ऐसे में अगले चार-पांच दिन की बारिश उन जिलों के लिए अहम हैं, जहां अभी सामान्य से कम पानी गिरा है।
फिलहाल 18 जिलों में सामान्य या सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज हुई है। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, छतरपुर, निवाड़ी, मैहर, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल और उमरिया शामिल हैं।
इसके उलट इंदौर, उज्जैन और जबलपुर समेत 37 जिलों में बारिश सामान्य से कम है। आलीराजपुर में सामान्य की करीब आधी बारिश ही हुई है, जबकि निवाड़ी में सामान्य से 54 प्रतिशत ज्यादा पानी गिर चुका है।
गुरुवार को भोपाल समेत कई जगह तेज बारिश
इस बीच गुरुवार को भोपाल, सीहोर और देवास में तेज बारिश हुई। भोपाल में दोपहर के समय करीब आधे घंटे तक तेज पानी गिरा। आष्टा में भी मूसलधार बारिश हुई।
भोपाल-इंदौर रोड पर सोनकच्छ में बारिश के दौरान कुछ देर के लिए दिन में ही अंधेरा जैसा माहौल बन गया और वाहन चालकों को हेडलाइट जलानी पड़ी। ग्वालियर में भी दिनभर की उमस के बाद शाम को हुई बारिश से लोगों को राहत मिली।
