21 सितंबर के बाद फिर तेज पानी के आसार
एमपी में मानसून विदाई की ओर है। अब तक 33.1 इंच बारिश हुई है, लेकिन सामान्य कोटे से करीब 11.3 प्रतिशत कमी है।
20 सितंबर तक बड़े अलर्ट नहीं हैं, जबकि 21 सितंबर के बाद बारिश की गतिविधि बढ़ने के आसार हैं।
मध्य प्रदेश में मानसून अब विदाई की ओर है, लेकिन प्रदेश अभी भी बारिश के सामान्य आंकड़े तक नहीं पहुंच पाया है।
सीजन में अब तक औसतन 33.1 इंच बारिश दर्ज हुई है, जो सामान्य कोटे की 88.7 प्रतिशत है। सामान्य आंकड़ा 37.3 इंच है।
यानी प्रदेश को सामान्य बारिश का आंकड़ा छूने के लिए अभी करीब 4.2 इंच पानी और चाहिए। मानसून की आधिकारिक अवधि खत्म होने में अब 13 दिन बाकी हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक 20 सितंबर तक प्रदेश में किसी बड़े बारिश सिस्टम का असर नहीं रहेगा, लेकिन 21 सितंबर के बाद मौसम फिर करवट ले सकता है।
सितंबर के आखिरी सप्ताह में लो प्रेशर एरिया और चक्रवाती गतिविधियों के चलते कुछ हिस्सों में तेज बारिश का दौर बनने का अनुमान है।
20 सितंबर तक बड़े अलर्ट नहीं
फिलहाल 20 सितंबर तक प्रदेश में भारी या अति भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। प्रदेश के ऊपरी हिस्से से मानसून ट्रफ गुजर रही है, जबकि अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय है।
इन दोनों सिस्टम का प्रदेश पर फिलहाल बड़ा असर दिखाई नहीं दे रहा है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर बनने वाले सिस्टम से कुछ जिलों में तेज बारिश हो सकती है।
पिछले 24 घंटे में दतिया के सेंवढ़ा में करीब 4 इंच और झाबुआ के शाहपुरा में 3 इंच बारिश दर्ज की गई। बुधवार शाम भोपाल, सीहोर समेत कई इलाकों में भी बारिश हुई।
21 सितंबर के बाद फिर बढ़ेगी बारिश की गतिविधि
मौसम विभाग के अनुसार 21 सितंबर के बाद चक्रवाती परिसंचरण और कम दबाव के क्षेत्र की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
इसका असर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश के रूप में दिखाई दे सकता है।मानसून की अवधि 30 सितंबर तक मानी जाती है।
हालांकि, कई बार प्रदेश के कुछ हिस्सों से मानसून अक्टूबर के पहले सप्ताह तक विदा होता है।
मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के मुताबिक इस बार मानसून समय पर विदा होने की संभावना है, लेकिन इससे पहले बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है।
