बिना गारंटी ऋण सीमा भी बढ़ी
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) संशोधित ब्याज सब्सिडी योजना पर सरकार की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा। 1 रुपए की सब्सिडी से 2.30 रुपए का मूल्यवर्धन, बिना गारंटी ऋण सीमा 2 लाख रुपए, किसानों को सस्ता कृषि ऋण और कई बड़े लाभ।
केंद्र सरकार ने लोकसभा में किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की “संशोधित ब्याज सब्सिडी योजना“ को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा कराए गए तृतीय-पक्ष मूल्यांकन में सामने आया है कि योजना के तहत खर्च किया गया प्रत्येक 1 रुपए कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में 2.30 रुपए के शुद्ध मूल्यवर्धन का योगदान देता है।
यह मूल्यांकन बेंगलुरु स्थित सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन संस्थान (ISEC) द्वारा किया गया, जिसमें देश के विभिन्न कृषि क्षेत्रों में योजना के प्रभाव का अध्ययन किया गया।
1 रुपए की सब्सिडी से 2.30 रुपए का आर्थिक लाभ
रिपोर्ट के अनुसार, किसान क्रेडिट कार्ड की संशोधित ब्याज सब्सिडी योजना केवल किसानों को सस्ता ऋण उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे कृषि क्षेत्र में निवेश, उत्पादन और आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने योजना की शुरुआत से लेकर वित्त वर्ष 2024-25 तक लगभग 1.87 लाख करोड़ रुपए की ब्याज सब्सिडी किसानों को उपलब्ध कराई जा चुकी है।
किसान क्रेडिट कार्ड पर आई रिपोर्ट में यह बातें आई सामने
रिपोर्ट में बताया गया कि ब्याज सब्सिडी योजना ने किसानों के ऋण का खर्च कम किया है, जिससे उन्हें समय पर खेती के लिए पूंजी उपलब्ध हुई और खेती से जुड़े निर्णय लेना आसान हुआ।
इसके कारण किसानों में ऋण चुकाने का अनुशासन भी बेहतर हुआ, जिससे बैंकों का भरोसा बढ़ा और कृषि ऋण वितरण को मजबूती मिली।
- फसल सघनता और बहु-मौसमी खेती को बढ़ावा: योजना के प्रभाव से किसानों ने बड़े क्षेत्रों में खेती करना शुरू कर दिया है। विश्वसनीय सिंचाई और रियायती ऋण के समर्थन से किसान अब उच्च फसल सघनता और विभिन्न मौसमों में विविधतापूर्ण फसल अपना रहे हैं।
- कार्यशील पूंजी और ऋण अनुशासन में सुधार: पर्याप्त कार्यशील पूंजी मिलने से समय पर कृषि इनपुट्स (बीज, खाद आदि) का उपयोग संभव हुआ है। इसके अलावा, शीघ्र पुनर्भुगतान प्रोत्साहन (PRI) प्राप्त करने वाले किसानों ने बेहतरीन ऋण अनुशासन दिखाया है, जिससे बैंकों का किसानों पर भरोसा बढ़ा है।
- आय विविधीकरण और पशुपालन का विस्तार: इस योजना ने सिर्फ फसल तक सीमित न रखकर दुग्ध उत्पादन, पशुपालन और अंतर्देशीय मत्स्य पालन (विशेषकर उत्तर-पूर्वी राज्यों में) के विस्तार को बढ़ावा दिया है, जिससे किसानों की आय के स्रोत बढ़े हैं।
बिना गारंटी ऋण सीमा में बढ़ोतरी
सरकार ने किसानों को राहत देते हुए बिना गारंटी मिलने वाले किसान क्रेडिट कार्ड ऋण की सीमा 1.60 लाख रुपए से बढ़ाकर 2 लाख रुपए कर दी है।
यह व्यवस्था 1 जनवरी 2025 से लागू है। इससे छोटे एवं सीमांत किसानों को बिना अतिरिक्त सुरक्षा के अधिक ऋण प्राप्त करने में सुविधा मिलेगी।
- डिजिटल पहलों का विस्तार: सरकार ने कृषि ऋण प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए किसान ऋण पोर्टल, जन समर्थ पोर्टल, ई-किसान क्रेडिट कार्ड और कृषिका जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू किए गए हैं।
- व्यापक जागरूकता अभियान: किसानों को केसीसी योजना के फायदों से जोड़ने के लिए केंद्र व राज्य सरकारों, आरबीआई, नाबार्ड और बैंकों द्वारा लगातार जागरूकता कार्यक्रम, वित्तीय साक्षरता शिविर और ‘किसान क्रेडिट कार्ड संतृप्ति अभियान’ चलाए जा रहे हैं।
