मध्य प्रदेश में एमएसपी पर मूंग और उड़द की खरीदी के लिए पंजीयन शुरू

मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए वर्ष 2025-26 (विपणन वर्ष 2026-27) के लिए ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द की समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी हेतु पंजीयन प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश जारी किए हैं।

किसान 25 मई 2026 से 15 जून 2026 तक ई-उपार्जन पोर्टल पर अपना पंजीयन करा सकेंगे। यह खरीदी भारत सरकार की प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSS) के तहत की जाएगी।

किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा जारी निर्देशों में सभी संबंधित कलेक्टरों को पंजीयन प्रक्रिया, सत्यापन कार्य, खरीदी केंद्रों की व्यवस्था तथा किसानों तक जानकारी पहुंचाने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

 

उड़द पर मिलेगा 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस

राज्य सरकार के निर्देशानुसार समर्थन मूल्य पर उड़द बेचने वाले पात्र किसानों को एमएसपी के अलावा 600 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस प्रदान किया जाएगा। इससे उड़द उत्पादक किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।

वहीं मूंग की खरीदी भारत सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुसार किसानों के कुल उत्पादन के अधिकतम 25 प्रतिशत तक ही सीमित रहेगी।

 

आधार आधारित सत्यापन होगा अनिवार्य

खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और वास्तविक किसानों तक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से इस बार सख्त प्रावधान लागू किए गए हैं :

  • खरीदी केंद्रों पर किसानों की पहचान आधार-सक्षम पीओएस मशीन या मोबाइल एप के जरिए फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से की जाएगी।
  • पिछले वर्षों की तरह केवल ओटीपी आधारित सत्यापन इस बार मान्य नहीं होगा।
  • भुगतान सीधे किसानों के आधार से लिंक बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाएगा।

 

किसान स्वयं उपस्थित न हो पाने की स्थिति में क्या व्यवस्था?

यदि कोई किसान खरीदी केंद्र पर स्वयं उपस्थित नहीं हो पाता है, तो वह पंजीयन के दौरान अधिकतम तीन अधिकृत व्यक्तियों के नाम दर्ज करा सकता है।

  • अधिकृत व्यक्ति किसान की उपज को खरीदी केंद्र तक पहुंचा सकेगा।
  • ऐसे सभी अधिकृत व्यक्तियों का भी आधार आधारित फेस सत्यापन अनिवार्य होगा।
  • साथ ही, कोई भी व्यक्ति अधिकतम तीन किसानों का ही अधिकृत प्रतिनिधि बन सकेगा।

 

पंजीयन के समय देनी होगी यह जानकारी

सरकार ने निर्देश दिए हैं कि किसानों को अपने मूंग उत्पादन के साथ-साथ मंडियों या अन्य स्थानों पर पहले किए गए विक्रय की जानकारी भी देना अनिवार्य होगा।

पंजीयन के दौरान दी गई इस जानकारी का संबंधित अधिकारियों द्वारा सत्यापन किया जाएगा।

 

इन जिलों में होगी मूंग की खरीदी

प्रदेश के 36 जिलों में मूंग की समर्थन मूल्य पर खरीदी की जाएगी। इनमें प्रमुख रूप से नरसिंहपुर, रायसेन, हरदा, सीहोर, देवास, सागर, गुना, खरगोन, कटनी, दमोह, विदिशा, बड़वानी, बैतूल, भोपाल, छिंदवाड़ा, छतरपुर, धार, राजगढ़, शिवपुरी, इंदौर, बालाघाट, सतना, पांढुर्णा, मैहर और पन्ना सहित अन्य जिले शामिल हैं।

 

इन जिलों में होगी उड़द की खरीदी

उड़द की खरीदी प्रदेश के 28 जिलों में की जाएगी। इनमें जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, दमोह, छिंदवाड़ा, पन्ना, मंडला, उमरिया, बालाघाट, बैतूल, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, सागर, रीवा, सतना, शहडोल, खरगोन, भिंड, शिवपुरी और गुना सहित अन्य जिले शामिल किए गए हैं।

 

ई-उपार्जन पोर्टल पर होगा पंजीयन

किसानों को पंजीयन के लिए राज्य शासन के ई-उपार्जन पोर्टल www.mpeuparjan.nic.in पर आवेदन करना होगा।

शासन द्वारा खरीदी केंद्रों पर आवश्यक मानव संसाधन, तकनीकी सुविधाएं और प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

 

किसानों के लिए जरूरी निर्देश

कृषि विभाग ने किसानों को पंजीयन के दौरान कुछ महत्वपूर्ण बातों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है:

  • आधार कार्ड बैंक खाते से लिंक होना चाहिए।
  • मोबाइल नंबर सक्रिय और चालू रखें।
  • वास्तविक उत्पादन की सही जानकारी दर्ज करें।
  • निर्धारित समय सीमा समाप्त होने से पहले पंजीयन प्रक्रिया पूरी कर लें।

यह फैसला प्रदेश के मूंग और उड़द उत्पादक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ दिलाने और खरीदी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यदि वर्ष 2025-26 (विपणन वर्ष 2026-27) के दौरान इन फसलों की औसत मंडी कीमतें एमएसपी से नीचे जाती हैं,

तो राज्य सरकार भारत सरकार की पीएम-आशा योजना के अंतर्गत प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSS) के तहत किसानों से एमएसपी पर खरीदी करने के लिए अलग से निर्णय लेगी। इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश बाद में जारी किए जाएंगे।