प्रदेश में अब शनिवार-रविवार को भी खुले रहेंगे गोदाम, नकद मिलेगा खाद

खाद की किल्लत रोकने मार्कफैड का बड़ा फैसला

मध्यप्रदेश में मानसून की दस्तक के साथ ही मालवा, निमाड़ और महाकौशल के सबसे बड़े सोयाबीन मक्का बेल्ट में खरीफ फसलों की बुआई (बोवनी) ने रफ्तार पकड़ ली है। बोवनी शुरू होते ही खेतों में रासायनिक खादों की मांग अचानक चरम पर पहुंच गई है।

खाद की किल्लत और सेंटर्स पर लगने वाली लंबी लाइनों से निपटने के लिए राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) ने बड़ा आपातकालीन फैसला लिया है। अब प्रदेश के किसानों को शनिवार और रविवार (सरकारी छुट्टियों) के दिन भी नकद खाद मिल सकेगी।

मार्कफेड के एमडी अभिजीत अग्रवाल ने इस संबंध में प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को तुरंत नई व्यवस्था लागू करने के कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं।

यह विशेष सुविधा फिलहाल अगस्त 2026 तक प्रभावी रहेगी, जिसके बाद इस व्यवस्था की दोबारा समीक्षा की जाएगी।

मार्कफेड प्रबंधन ने साफ किया है कि नई व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए पुलिस बल की विशेष तैनाती और पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने को कहा गया है। छुट्टी के दिनों में भी गोदामों पर राजस्व और कृषि विभाग के कर्मचारियों की मुस्तैदी रहेगी।

 

लाभ : भीड़ व कालाबाजारी रुकेगी शनिवार-रविवार को गोदाम बंद रहने से सोमवार को किसानों की भीड़ उमड़ती थी। नई व्यवस्था से भीड़ का दबाव कम होगा।

छुट्टी के दिनों में सरकारी केंद्र बंद रहने पर निजी डीलर खाद की कालाबाजारी करते थे। सातों दिन खाद बंटने से कालाबाजारी रुकेगी।

निर्देश : नई व्यवस्था का करें प्रचार राजस्व और कृषि अमले की छुट्टियां निरस्त कर गोदामों पर ड्यूटी लगाएं और जिले में शनिवार और रविवार को खुले रहने वाले खाद गोदामों की सूची पहले से सार्वजनिक की जाएगी, ताकि किसानों को भटकना न पड़े।