खाद का स्टॉक बढ़कर 51% तक पहुंचा
खरीफ 2026 सीजन को लेकर केंद्र सरकार ने उर्वरकों की उपलब्धता पर भरोसा जताया है।
देश में खाद का मौजूदा स्टॉक 51 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जबकि जैविक खाद की मांग में भी तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है।
अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिन के शांति समझौते के बाद उर्वरक आपूर्ति को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने कहा है कि खरीफ सीजन के दौरान खाद की कोई कमी नहीं होगी।
मंत्रालय के मुताबिक देश में उर्वरकों का स्टॉक फिलहाल संतोषजनक स्तर पर है।
उर्वरक विभाग की संयुक्त सचिव बंदना प्रेयशी ने बताया कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने खरीफ सीजन के लिए कुल 383.9 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों की आवश्यकता का अनुमान लगाया है।
इसके मुकाबले वर्तमान में 196.65 लाख मीट्रिक टन स्टॉक उपलब्ध है, जो कुल आवश्यकता का करीब 51 प्रतिशत है।
आमतौर पर यह स्तर लगभग 33 प्रतिशत रहता है, ऐसे में इस बार स्थिति ज्यादा मजबूत मानी जा रही है।
102.78 एलएमटी रासायनिक उर्वरकों की खरीद
उर्वरक उपलब्धता में सुधार का श्रेय सरकार की बेहतर योजना, अग्रिम भंडारण और मजबूत लॉजिस्टिक्स प्रबंधन को दिया गया है। इन प्रयासों की बदौलत देशभर में समय पर खाद वितरण सुनिश्चित हो पाया है।
मंत्रालय के अनुसार, खरीफ सीजन के दौरान अब तक किसानों ने 102.78 लाख मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरकों की खरीद कर ली है, जो कुल आवश्यकता का लगभग 27 प्रतिशत है।
इससे साफ संकेत मिलता है कि बुवाई के साथ-साथ खेतों में उर्वरकों का उपयोग भी नियमित रूप से जारी है।
जैविक खाद के क्षेत्र में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिल रहा है। वर्तमान में देश में 22.67 लाख मीट्रिक टन ऑर्गेनिक मैन्योर का स्टॉक उपलब्ध है, जबकि किसानों द्वारा 11.82 लाख मीट्रिक टन की खरीद की जा चुकी है।
पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा केवल 3.31 लाख मीट्रिक टन था, जिससे स्पष्ट है कि किसान अब पर्यावरण अनुकूल विकल्पों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।
सरकार का दावा—सप्लाई चेन मजबूत
अधिकारियों के अनुसार जैविक खाद की बढ़ती मांग यह दर्शाती है कि किसान अब रासायनिक उर्वरकों के साथ-साथ टिकाऊ खेती (सस्टेनेबल फार्मिंग) की दिशा में भी कदम बढ़ा रहे हैं।
उर्वरक आपूर्ति को लेकर सरकार ने बताया कि हाल की परिस्थितियों के बावजूद देश में 123.65 लाख मीट्रिक टन का घरेलू उत्पादन और 39.36 लाख मीट्रिक टन का आयात किया गया है।
इस प्रकार कुल 163.01 लाख मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्धता में जोड़े गए हैं, जिससे सप्लाई चेन मजबूत बनी हुई है।
सरकार का कहना है कि मौजूदा खरीफ सीजन में उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर कोई बड़ी समस्या सामने नहीं आई है।
पर्याप्त स्टॉक और समय पर आपूर्ति के कारण किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो रही है।
कुल मिलाकर, सरकार ने भरोसा जताया है कि खरीफ 2026 के लिए देश पूरी तरह तैयार है और किसानों को खाद की चिंता करने की जरूरत नहीं है।
