पूर्वी भारत में लगातार प्रगति; सिर्फ 103 जिलों में ही सामान्य बारिश
दक्षिण-पश्चिम मानसून की पश्चिमी शाखा कमजोर पड़ गई है। मानसून 8 जून से पश्चिमी तट पर लगभग स्थिर है।
मौसम एजेंसी स्काईमेट के मुताबिक मुंबई में मानसून के लिए 7-8 दिन और इंतजार करना पड़ सकता है।
दूसरी तरफ, पूर्वी शाखा लगातार प्रगति कर रही है। ओडिशा, झारखंड और बिहार के कई हिस्से कवर हो चुके हैं।
मानसून अटकने की मुख्य वजह बंगाल की खाड़ी में मजबूत लो-प्रेशर एरिया या डिप्रेशन नहीं बनना है।
मानसून की धीमी रफ्तार के कारण देश के 723 जिलों में से सिर्फ 103 में ही सामान्य बारिश हुई है। 438 जिलों में बारिश सामान्य से कम रही।
इंदौरः 11 साल में 7 बार 18 जून के बाद सक्रिय हुआ मानसून
जिले में मानसून की अधिकृत घोषणा 21 जून के बाद ही हो सकेगी। आमतौर पर 17, 18 जून तक मानसून घोषित कर दिया जाता है।
पिछले 11 सालों में 7 बार ऐसा हुआ जब 18 जून के बाद मानसून सक्रिय हुआ है। 2014 में तो 10 जुलाई को मानसून घोषित हुआ था।
22 दिन की देरी से मानसून ने दस्तक दी थी। मई, जून में नहीं के बराबर बारिश हुई थी।
इस बार प्री-मानसून भी बहुत कमजोर है। रोजाना शाम के समय हलके बादल छा रहे हैं, लेकिन यह बरसने लायक नहीं होते हैं।
बुधवार को भी सुबह से दोपहर तक बादल रहेंगे, कहीं-कहीं दो पांच मिनट के लिए रिमझिम हो सकती है।
पिछले सालो में कब पंहुचा मानसून…?
| वर्ष | मानसून घोषित |
| 2014 | 10 जुलाई |
| 2015 | 14 जून |
| 2016 | 21 जून |
| 2017 | 26 जून |
| 2018 | 27 जून |
| 2019 | 25 जून |
| 2020 | 15 जून |
| 2021 | 11 जून |
| 2022 | 17 जून |
| 2023 | 25 जून |
| 2024 | 23 जून |
| 2025 | 18 जून |
