मध्य प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां जारी, 28 जिलों में बारिश और तेज आंधी का अलर्ट

मध्य प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां तेज बनी हुई हैं और कई जिलों में बारिश व आंधी का सिलसिला जारी है।

हालांकि मानसून में देरी के कारण 1 से 16 जून के बीच प्रदेश में औसत से करीब 35% कम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान 28 जिलों में बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है।

मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री से पहले प्री-मानसून गतिविधियां लगातार सक्रिय बनी हुई हैं।

बुधवार को भोपाल, रतलाम, इंदौर और शाजापुर जिले के शुजालपुर समेत कई इलाकों में बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिला।

शुजालपुर में करीब आधे घंटे की बारिश से कई सड़कों पर जलभराव हो गया, वहीं इंदौर के विजय नगर और एलआईजी क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से मौसम सुहावना हो गया।

 

आज 3 जिलों में हीटवेव, 28 में बारिश-आंधी का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को प्रदेश के रतलाम, छिंदवाड़ा और बालाघाट जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है।

वहीं ग्वालियर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, विदिशा, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, जबलपुर, सिवनी, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर समेत 28 जिलों में आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है।

दूसरी ओर भोपाल, इंदौर, उज्जैन, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, शाजापुर, देवास, सीहोर, रायसेन, सागर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया और शहडोल सहित कई जिलों में गर्मी का असर बना रहने की संभावना है।

 

जून में अब तक 35% कम बारिश

1 जून से 16 जून के बीच मध्य प्रदेश में सामान्य से करीब 35 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। जहां इस अवधि तक औसतन करीब डेढ़ इंच बारिश होनी चाहिए थी, वहां वास्तविक वर्षा इससे काफी कम रही है।

पूर्वी मध्य प्रदेश की स्थिति ज्यादा चिंताजनक है, जहां सामान्य का आधा पानी भी नहीं गिर पाया है।

 

इन 35 जिलों में सामान्य से कम वर्षा

अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मऊगंज, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, अलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, भिंड, बुरहानपुर, दतिया, देवास, धार, ग्वालियर, इंदौर, झाबुआ, खरगोन, रतलाम, उज्जैन और विदिशा जिलों में अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।

 

मानसून की रफ्तार धीमी, सामान्य तारीख निकल चुकी

मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में मानसून के प्रवेश की सामान्य तिथि 15 जून मानी जाती है।

पिछले वर्षों में 2021 में मानसून सबसे जल्दी 9 जून को पहुंचा था, जबकि 2018 में सबसे देर से 25 जून को प्रवेश हुआ था।

वर्ष 2025 में मानसून 16 जून को मध्य प्रदेश पहुंचा था और पूरे सीजन में सामान्य से अधिक वर्षा हुई थी।

इस वर्ष मानसून की प्रगति धीमी बनी हुई है और इसके लगभग एक सप्ताह देरी से पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

यही वजह है कि जून महीने की बारिश का आंकड़ा अभी काफी पीछे चल रहा है।