अजोला को कहते हैं पशुओं का च्यवनप्राश, पशु देंगे 25 प्रतिशत तक ज़्यादा दूध
हरा चारा सालभर उपलब्ध नहीं रहता और कई पशुपालक महंगा पशु आहार खिलाने में भी समर्थ नहीं होते। केवल सूखा चारा खाने से पशुओं को पूर्ण पोषण नहीं मिलता और कुपोषण के शिकार हो जाते हैं और उनके दूध देने की क्षमता भी घट जाती है। दुधारू पशुओं को प्रतिदिन दो किलो तक पौष्टिक आहार … Read more