हड्रोपोनिक तकनीक : रतलाम में खमरिया की गोशाला को 5.73 लाख की आय

बिना पानी के पौष्टिक हरा चारा तैयार गोशाला में आधुनिक हाइड्रोपोनिक तकनीक के माध्यम से गायों के लिए पौष्टिक हरा चारा तैयार किया जा रहा है। यह पहल आलोट तहसील के ग्राम खमरिया स्थित राडीवाली माता गोशाला में मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित कन्हैया स्वयं सहायता समूह कर रहा है। समूह की … Read more

पॉलीहाउस तकनीक से गुलाब की खेती, बढ़ाई आमदनी

रतलाम. अब महिला किसान भी अत्याधुनिक तकनीक से खेती कर रही हैं। जिले के कुशलगढ़-पिपलौदा की किसान मधुबाला पाटीदार ने पॉलीहाउस तकनीक अपनाकर गुलाब की खेती से अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की है। उन्होंने 2 बीघा में पॉलीहाउस स्थापित कर फूलों की खेती शुरू की, जिससे सालाना लगभग 25 लाख की आमदनी हो रही है। … Read more

सीड ड्रिल-बेसल डोज से बोवनी, 8 क्विंटल बढ़ेगा उत्पादन

कटनी. ढीमरखेड़ा क्षेत्र के ग्राम पंचायत बम्हनी के आश्रित ग्राम बनहरी के किसान पारस पटेल प्रेरणास्रोत बनकर सामने आए हैं। उन्होंने इस रबी सीजन में सुपर सीड ड्रिल पद्धति और बेसल डोज खाद का प्रयोग कर नौ एकड़ में गेहूं की बोवनी की है। उत्पादन में प्रति एकड़ 5 से 8 क्विंटल तक बढ़ने की … Read more

पॉलीहाउस में उगा रहे गुलाब, सालाना आठ लाख का मुनाफा

कर रहे उन्नत खेती, फूलों की सप्लाई जयपुर भी पहले सीमेंट कंपनी और फिर नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के माध्यम से देश की सबसे लंबी टनल निर्माण करने वाली कंपनी में करीब 10 वर्ष तक 1.25 लाख रुपए प्रतिमाह बतौर सीनियर मैनेजर रहे संतोष शुक्ला। उन्होंने नौकरी छोड़ खेती को अपना भविष्य बनाया। शहर से … Read more

नवाचार : सरसों के खेत में मधुमक्खी पालन, मुनाफा और पर्यावरण सुरक्षित

सुधरती है बीज की गुणवत्ता किसान भाई एक ही खेत से सरसों और शहद दोनों का लाभ उठा सकते हैं। सरसों की खेती के साथ मधुमक्खी पालन को अपनाकर अपनी आमदनी को दुगना कर सकते हैं। यह न सिर्फ फसल की पैदावार बढ़ता है बल्कि पर्यावरण को भी सुरक्षित रखता है। सरसों एक परागण आधारित … Read more

रासायनिक खाद-दवाओं पर 46 हजार होते थे खर्च, जीवामृत में सिर्फ 5 हजार

सस्ती जैविक खाद-कीटनाशक तैयार कर किसानों को दे रही संगीता आदिवासी बाहुल्य धार जिले की किशन संगीता भाभर ने नवाचार कर नहीं रहा दिखाई है। उन्होंने प्राकृतिक खेती अपना करना केवल अपनी खेती की लागत कम की बाल के आसपास के किसानों के लिए भी जीवामृत आधारित जैविक खेती का भरोसेमंद विकल्प तैयार किया है। … Read more

गुड़ का स्वाद और मिठास ऐसी कि किसान के घर खिंचे चले आ रहे व्यापारी

सिवनीः गन्ने की खेती, देशी विधि से उत्पादन सिवनी. सिमरिया ग्राम (हथनापुर) निवासी 62 वर्षीय किसान शिवराम सनोडिया गन्ने की खेती के साथ गुड़ बनाकर लाखों रुपए कमा रहे हैं। उनके घर के पास इन दिनों कोल्हू से निकलती भाप, गन्ने के रस की सुगंध और धूप में चमकता गुड़ देखा जा सकता है। इस … Read more

‘ताइवानी पिंक अमरूद’ की खेती से बेटे को बनाया इंजीनियर

लखनऊ के किसान सुरेश की सफल कहानी Lucknow Farmer Story: बीते दिनों एक घटनाक्रम को याद करते हुए सुरेश बताते हैं कि उनके अमरूद के बाग में पिछले दिनों कीड़े लग गए थे. पौधे की जड़ में कीड़े लगने की वजह से तमाम पौधे सूखने लगे. यह बेहद चिंता की बात थी. सुरेश कुमार भी … Read more

सतना के ‘बीज पुरुष’ जिन्होंने 275 विलुप्त देसी फसलों को दिया नया जीवन

बाबूलाल दहिया की अनकही कहानी सतना के पद्मश्री बाबूलाल दहिया महज एक किसान नहीं, बल्कि भारतीय कृषि के जीवित पुस्तकालय हैं. 82 वर्ष की उम्र में भी वे उन 200 से अधिक देसी बीजों को सहेज रहे हैं, जिन्हें दुनिया भूल चुकी थी. जहां आज लोग तिजोरियों में सोना-चाँदी भरकर रखते हैं, वहीं दहिया जी … Read more

प्लानिंग और तकनीक से खेती सालाना 40 करोड़ का टर्नओवर

पंजाब-हरियाणा के गांवों को टक्कर दे रहा धार जिले का रूपाखेड़ा जिले का 3500 की आबादी वाला रुपाखेड़ा गांव देश में उन्नत खेती का मॉडल बनकर सामने आया है। बदनावर तहसील का यह गांव पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर बागवानी और हाईटेक सब्जी उत्पादन के जरिए हर साल 35 से 40 करोड़ रुपए का टर्नओवर … Read more