किसानों को एक कॉल पर मिलेगी मौसम, मंडी भाव और योजनाओं की जानकारी

भारत VISTAAR एआई

जानें कैसे यह डिजिटल साथी किसानों को मौसम, मंडी भाव और सरकारी योजनाओं की जानकारी एक कॉल पर देगा।

भारतीय कृषि को आधुनिक और स्मार्ट बनाने की दिशा में कल एक ऐतिहासिक दिन होने जा रहा है।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान जयपुर में देशभर के किसानों के लिए एक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म “भारत-VISTAAR” लॉन्च।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में तैयार यह एआई आधारित प्लेटफॉर्म किसानों को मौसम, मंडी भाव, कीट-रोग, मृदा स्वास्थ्य, फसल सलाह और सरकारी योजनाओं की जानकारी एक ही जगह उपलब्ध कराएगा।

कार्यक्रम में केंद्रीय और राज्य स्तर के कई मंत्री, सांसद, विधायक, वरिष्ठ अधिकारी, ICARKVKs और कृषि विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि तथा देशभर के लाखों किसान वर्चुअली जुड़ेंगे।

 

क्या है भारत-VISTAAR?

भारत-VISTAAR एक किसान-केंद्रित, एआई-संचालित डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) है। इसका उद्देश्य विभिन्न सरकारी और वैज्ञानिक स्रोतों को जोड़कर किसानों तक भरोसेमंद और सत्यापित जानकारी पहुंचाना है

फेज-1 में यह प्लेटफॉर्म हिंदी और अंग्रेज़ी में उपलब्ध होगा और महाराष्ट्र, बिहार तथा गुजरात समेत कई राज्यों के किसानों तक पहुंचेगा।

 

वॉयस-फर्स्ट एआई: साधारण फोन से भी सुविधा

भारत-VISTAAR को वॉयस-फर्स्ट एआई मॉडल पर तैयार किया गया है। इसका मतलब है कि साधारण फोन रखने वाला किसान भी सिर्फ 155261 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके जानकारी प्राप्त कर सकेगा।

इसके अलावा किसान:

  • चैटबॉट के माध्यम से टेक्स्ट में संवाद कर सकेंगे,
  • मोबाइल ऐप और वेब इंटरफेस का उपयोग कर सकेंगे,
  • एआई वॉयस असिस्टेंट भारती से सीधे बातचीत कर सकेंगे।

 

लॉन्च के साथ ही किसानों को मिलेगी यह सुविधाएं

किसानों को फेज-1 में निम्न सेवाएं मिलेंगी:

  • 10 प्रमुख केंद्रीय योजनाओं की जानकारी (PMKISANPMFBY, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड आदि, कृषि यंत्र आदि),
  • लाभ की स्थिति जांच (पीएम-किसान, PMFBY और मृदा स्वास्थ्य कार्ड)।,
  • शिकायत पंजीकरण और ट्रैकिंग,
  • IMD से मौसम पूर्वानुमान,
  • Agmarknet से मंडी भाव,
  • कीट और रोग अलर्ट (NPSS आधारित),
  • ICAR की वैज्ञानिक सलाह,
  • फसल और पशुपालन संबंधी मार्गदर्शन.

 

एआई फॉर एग्रीकल्चर रोडमैप और हैकथॉन की घोषणा

लॉन्च समारोह के दौरान एआई फॉर एग्रीकल्चर रोडमैप भी जारी किया जाएगा। साथ ही एआई हैकथॉन और एग्रीकोष की घोषणा की जाएगी, जिसका उद्देश्य कृषि क्षेत्र में नवाचार और डिजिटल समाधान को बढ़ावा देना है।

अगले 3 महीनों में यह प्लेटफॉर्म तमिल, बंगाली, असमिया और कन्नड़ सहित कई भाषाओं में उपलब्ध कराया जाएगा।

अगले 6 महीनों में इसे कुल 11 भाषाओं में विस्तार दिया जाएगा। मई 2026 तक सभी केंद्रीय योजनाओं को पात्रता, आवेदन, लाभ स्थिति और शिकायत निवारण के लिए पूरी तरह एकीकृत कर दिया जाएगा।

 

किसानों के लिए डिजिटल क्रांति है भारत VISTAAR

भारत-VISTAAR को कृषि क्षेत्र में उसी तरह का डिजिटल ढांचा माना जा रहा है, जैसा भुगतान के लिए UPI है।

यह केंद्र, राज्य और सहकारी प्रणालियों को एकीकृत कर किसानों को व्यक्तिगत, विश्वसनीय और त्वरित सलाह देगा।

सरकार का लक्ष्य है कि किसानों को अलग-अलग पोर्टल, दफ्तर या बिचौलियों पर निर्भर न रहना पड़े और उन्हें एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सभी सेवाएं मिल सकें।