PM kisan की 22वीं किस्त : किन किसानों के अटक सकते हैं पैसे?

किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से पीएम किसान सम्मान निधि योजना चलाई जा रही है.

वहीं, नया साल नए साल की शुरुआत के साथ किसानों के बीच यह चर्चा शुरू हो गई है कि आखिर 22वीं किस्त कब आएगी. आइए जानते हैं.

PM Kisan सम्मान निधि योजना के बारे में ज्यादातर किसान जानते हैं. केंद्र सरकार की इस योजना के तहत हर साल किसानों को 6 हजार रुपये दिए जाते हैं. इस समय किसान 22वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं.

मगर कई ऐसे किसान भी हैं जिनके खाते में शायद 22वीं किस्त ना आए. इसके पीछे वजह है सरकार के बनाए हुए नए नियम.

22वीं किस्त बिना किसी झंझट खाते में सीधे पाने के लिए किसानों को कुछ औपचारिकताएं पूरी करना जरूरी है.

इस आर्टिकल में आगे जानिए क्या हैं ये औपचारिकताएं जिनके बिना अटक सकता है PM Kisan का पैसा. यही नहीं PM Kisan योजना से जुड़े हर सवाल का जवाब भी.

 

PM किसान का पैसा पाने के लिए जरूरी काम क्या है?

अगर आपने अपना बैंक अकाउंट आधार से लिंक नहीं कराया है तो आपको PM किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिलेगा.

इसके अलावा अगर आपने अपने बैंक अकाउंट की kyc नहीं कराई है तो आपके खाते में पीएम सम्मान निधि के पैसे नहीं आएंगे.

बैंक अकाउंट kyc और बैंक अकाउंट को आधार से लिंक करने पर अगली किस्त आपके खाते में जरूर आएगी.

यही नहीं अगर आपने अब तक फार्मर आईडी नहीं बनवाई है तो भी आपके खाते में आने वाली 22वीं किस्त अटक सकती है.

 

योजना का लाभ लेने के लिए ऐसे करें e-KYC?

  • सबसे पहले पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं.
  • होम पेज पर Farmers Corner सेक्शन में जाकर e-KYC का ऑप्शन सेलेक्ट करें.
  • अब आपको e-KYC पेज पर जाकर अपना 12 अंक का आधार नंबर डालना होगा.
  • आधार नंबर डालकर सर्च ऑप्शन पर क्लिक करें.
  • इसके बाद आपको अपना अपना मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा.
  • नंबर दर्ज करने का बाद आपके आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर एक OTP जाएगा.
  • OTP दर्ज करने के बाद सब्मिट बटन पर क्लिक करें.
  • सब्मिट बटन पर क्लिक करते ही e-KYC पूरी हो जाएगी.
  • सके बाद आपके मोबाइल पर मैसेज आ जाएगा कि आपकी e-KYC की प्रक्रिया पूरी हो गई है.

 

इस योजना के लिए क्यों जरूरी है e-KYC?

e-KYC के जरिए सरकार यह सुनिश्चित करती है कि किस्त का पैसा किसान के बैंक खाते में ही जाए.

दरअसल, कई बार स्कैमर्स किसानों के डेटा में फर्जीवाड़ा कर देते हैं, जिससे उन्हें किस्त का पैसा नहीं मिलता है.

इस फर्जीवाड़े को रोकने और किसान के अकाउंट में ही पैसा पहुंचे इसके लिए ई-केवाईसी और आधार लिंकिंग को अनिवार्य किया गया है, जब किसान के रिकॉर्ड सभी जगह एक जैसे होते हैं, तभी उनके खाते में पैसा ट्रांसफर किया जाता है. ऐसे में ई-केवाईसी बेहद जरूरी है.

 

योजना का लाभ लेने के लिए चाहिए ये दस्तावेज?
  • पीएम किसान योजना के लिए मुख्य दस्तावेज आधार कार्ड,
  • बैंक खाता विवरण और भूमि के कागजात हैं,
  • जिसमें आधार नंबर का बैंक खाते और मोबाइल नंबर से जुड़ा होना ज़रूरी है,
  • साथ ही पहचान के लिए वोटर आईडी,
  • ड्राइविंग लाइसेंस या NREGA यानी V.G. RAM-G जॉब कार्ड जैसे अन्य दस्तावेज़ भी विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किए जा सकते हैं, जो ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए चाहिए होते हैं.

 

ये किसान लाभ लेने से रह सकते हैं वंचित

1. फार्मर आईडी: पीएम-किसान योजना का लाभ लेने के लिए फार्मर आईडी (किसान आईडी) आवश्यक है. यह एक विशिष्ट पहचान है जो प्रत्येक किसान को दी जाती है, और यह योजना के तहत लाभ लेने के लिए जरूरी है.

2. ई-केवाईसी और भूमि सत्यापन: जिन किसानों ने अभी तक ई-केवाईसी (e-KYC) सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं की है और जिनकी भूमि का वेरिफिकेशन नहीं हुआ है, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा.

3. एकल लाभार्थी: इस योजना का लाभ प्रति परिवार से केवल एक ही सदस्य को मिलेगा. इसका सीधा मतलब ये है कि पिता और पुत्र में से केवल एक ही व्यक्ति इस योजना के लिए पात्र होंगे. यानी एक ही सदस्य इस योजना का लाभ ले सकते हैं.

4. सरकारी नौकरी: यदि परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी करता है, तो वह योजना का लाभ नहीं ले सकता. अगर ऐसे लोग योजना का लाभ ले रहे हैं तो ये नियम के खिलाफ है.

5. पेशेवर: यदि परिवार का कोई भी सदस्य पेशेवर है, जैसे वकील, डॉक्टर, इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट, शिक्षक या किसी अन्य पेशे में है, तो वो भी इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे.

6. किराये पर खेती: इस योजना का लाभ केवल उन किसानों को ही मिलेगा जिनके पास खुद की जमीन है. जो किसान किसी अन्य व्यक्ति की जमीन पर खेती करते हैं, वे भी इस योजना का लाभ नहीं ले सकते हैं.