उड़द पर ₹600 बोनस, चना-मसूर-तुअर की खरीद भी एमएसपी पर होगी

मप्र को एग्री-एक्सपोर्ट हब बनाने के लिए प्लान

कृषि कल्याण वर्ष

कृषि कल्याण वर्ष में राज्य सरकार क्रॉप पैटर्न सुधार और किसानों की आय बढ़ाने के लिए बड़े बदलाव करेगी।

सोमवार को विधानसभा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पांच प्रमुख फसलों पर अहम घोषणाएं कीं।

मुख्यमंत्री ने कहा की राज्य सरकार किसानों को अन्नदाता के साथ ही ऊर्जा दाता बनाना चाहती है।

 

सरसों में भी भावांतर

  • सोयाबीन के बाद सरसों भी भावांतर योजना में लाया जाएगा। इस वर्ष सरसों का रकबा 28% बढ़ा है, 15.71 लाख टन उत्पादन का अनुमान है। औसत मंडी भाव 6000 रुपए प्रति क्विंटल है, जबकि एमएसपी 6200 रुपए है। एमएसपी से कम दाम मिलने पर अंतर की प्रतिपूर्ति की जाएगी।
  • उड़द प्रोत्साहन योजना 2026 इसी वर्ष लागू होगी। एमएसपी के अतिरिक्त 600 रु./क्विंटल बोनस मिलेगा। उद्देश्य- दलहन उत्पादन व फसल विविधीकरण बढ़ाना। सीएम ने विधायकों से अपील की है कि वे किसानों को ग्रीमकालीन मूंग के स्थान पर उड़द लगाने के लिए प्रोत्साहित करें। मूंग के अतिउत्पादन से निजात मिले।
  • चना (6.49 लाख मीट्रिक टन) व मसूर (6.01 लाख मीट्रिक टन) के उपार्जन का प्रस्ताव केंद्र को भेजा है। खरीदी 24 मार्च से 30 मई 2026 तक होगी। पंजीयन 20 फरवरी से 16 मार्च तक चलेगा। इस वर्ष चने का अनुमानित उत्पादन 25.94 लाख मीट्रिक टन और मसूर का 6.02 लाख मीट्रिक टन है।
  • प्राइस सपोर्ट स्कीम के तहत नाफेड व एनसीसीएफ के माध्यम से 1.31 लाख मीट्रिक टन तुअर खरीदी का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है। पिछली बार खरीदी सीमित रही थी। सरकार ने दलहन-तिलहन को बढ़ावा देने के लिए सिंचाई, बिजली और कृषि ऋण उपलब्ध कराने तथा नई योजनाएं लाने के संकेत भी दिए हैं।