16 मार्च से शुरू होना थी गेहू की खरीदी अब 1 अप्रैल से की जाएगी

नकदी के लिए कम कीमत पर उपज बेच रहे किसान

समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की तारीख आगे बढ़ने से क्षेत्र के किसानों की चिंता बढ़ गई है। जिन किसानों ने अपनी उपज समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए पंजीयन कराया था। वे अब आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं।

विकासखंड में करीब 8 हजार से अधिक किसानों ने समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए खरीदी केंद्रों पर पंजीयन कराया है।

किसानों को उम्मीद थी कि 16 मार्च से सरकारी खरीदी शुरू हो जाएगी, लेकिन शासन ने तारीख बढ़ाकर 1 अप्रैल कर दी है।

ऐसे में किसानों को लगभग पखवाड़े भर का इंतजार करना पड़ेगा, जिससे उनकी आर्थिक परेशानियां बढ़ती जा रही हैं।

किसानों का कहना है कि उन्होंने समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए पंजीयन तो करा लिया है, लेकिन समितियों से लिए गए ऋण और बाजार के बकाया भुगतान की अंतिम तारीख 28 मार्च तय है। जबकि सरकारी खरीदी 1 अप्रैल से शुरू होगी।

ऐसे में समय पर भुगतान नहीं मिलने के कारण किसानों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है। वे मजबूरी में अपनी उपज मंडी में बेचने लगे हैं।

किसानों का कहना है कि यदि खरीदी समय पर शुरू हो जाती, तो उन्हें कम कीमत पर मंडी में उपज नहीं बेचना पड़ती।

 

सोसायटी से लिया ऋण भी चुकाना है

ग्राम पांच पिपल्या के किसान जगदीश और रामसिंह ने बताया कि परिवार में शादी जैसे कार्यक्रम होने के कारण खर्च बढ़ गया है। सोसायटी से लिया गया ऋण भी चुकाना है।

ऐसे में आर्थिक दबाव के चलते उन्हें कुछ उपज मंडी में बेचना पड़ रही है। जबकि शेष उपज समर्थन मूल्य पर खरीदी केंद्र पर बेचने का निर्णय लिया है।

किसानों को उम्मीद है कि शासन जल्द खरीदी प्रक्रिया शुरू कर राहत देगा।

 

जरूरत होने से 30 क्विंटल गेहूं मंडी में बेचना पड़ रहे

हनुमतिया के किसान जीवन सिंह ने बताया कि उन्होंने समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए पंजीयन कराया है, बाजार का उधार चुकाने और अन्यक लेन-देन से उन्हें कुछ उपज मंडी में बेचना पड़ रही है।

वे करीब 30 क्विंटल गेहूं मंडी में बेचने आए हैं। ताकि बकाया चुका सकें और जरूरी खर्च पूरे कर सकें।

किसान गणपत राजपूत तने ने बताया उन्होंने भी समर्थन मूल्य पर पंजीयन कराया है, लेकिन तत्काल पैसों की आवश्यकता के कारण मंडी में उपज बेचनी पड़ रही है।

उन्होंने कहा कि कृषि सेवा केंद्र से उधार लिए गए खाद, बीज और दवाइयों का भुगतान करना जरूरी है।