कॉल और AI चैटबॉट पर मिलेगा खेती की हर समस्या का समाधान

किसानों के लिए भारत विस्तार योजना शुरू

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जयपुर में “भारत विस्तार” योजना लॉन्च की। 155261 नंबर पर कॉल कर किसान स्थानीय भाषा में AI आधारित सलाह, मंडी भाव और योजनाओं की जानकारी पा सकेंगे।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जयपुर में ‘भारत विस्तार’ योजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम में किसान केंद्रित AI हैकथन और एग्री कोष AI स्ट्रैटेजी रोडमैप का भी अनावरण किया गया।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य किसानों की उत्पादन क्षमता बढ़ाना और उन्हें तकनीक से जोड़ना है। इसी उद्देश्य से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ‘भारत विस्तार’ योजना शुरू की गई है।

 

155261 नंबर पर मिलेगा तुरंत समाधान

शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि किसान 155261 नंबर पर डायल कर अपनी समस्या बता सकते हैं और उन्हें तत्काल समाधान मिलेगा।

इसी नंबर के माध्यम से देशभर की विभिन्न मंडियों के ताजा बाजार भाव की जानकारी भी प्राप्त की जा सकेगी।

योजना की खास बात यह है कि किसान अपने सवाल का जवाब अपनी स्थानीय भाषा में पा सकेंगे।

फिलहाल इसकी शुरुआत हिंदी और अंग्रेजी में की गई है, लेकिन जल्द ही 11 अन्य भाषाओं में भी यह सुविधा उपलब्ध होगी।

 

बनाई जा रही है किसान आईडी (Kisan ID)

भारत विस्तार योजना के तहत किसान पहचान पत्र (किसान आईडी) भी बनाया जा रहा है। इसमें किसान की संपूर्ण जानकारी डिजिटल रूप में उपलब्ध रहेगी।

फिलहाल इस प्लेटफॉर्म पर पीएम फसल बीमा योजना और सॉइल हेल्थ कार्ड जैसी योजनाओं को जोड़ा गया है। भविष्य में सभी कृषि योजनाओं को इससे जोड़ने की तैयारी है।

 

एक ही प्लेटफॉर्म पर पूरी कृषि जानकारी

कृषि मंत्रालय के सचिव देवेश चतुर्वेदी ने कहा कि भारत विस्तार योजना का उद्देश्य किसानों को अलग-अलग प्लेटफॉर्म के बजाय एक ही डिजिटल सिस्टम पर सभी जानकारियां उपलब्ध कराना है।

 ICAR के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट ने इसे भारतीय कृषि को एकीकृत करने वाला ऐतिहासिक कदम बताया।

 

AI आधारित एकीकृत डिजिटल सिस्टम

भारत विस्तार योजना AgriStackICAR, भारतीय मौसम विभाग (IMD), मंडी मूल्यों और विभिन्न सरकारी योजनाओं को एकीकृत करने वाला AI आधारित डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना प्लेटफॉर्म है।

इससे किसानों को सेवाएं, मंडी भाव, ऋण, बीमा और सरकारी योजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर मिलेगी।

सरकार का दावा है कि इससे किसानों की उत्पादकता बढ़ेगी और जोखिम कम होगा।