ऋण जमा करना है इसलिए कम दाम पर गेहूं बेचना मजबूरी

एमएसपी पर गेहूं खरीदी 1 अप्रैल से

रबी सीजन : मंडी में गेहूं की आवक बढ़ते ही एमएसपी से कम में बिक रहा, व्यापारी बोले- युद्ध के चलते एक्सपोर्ट ठप

शहर की कृषि उपज मंडी में इन दिनों किसानों की मेहनत सस्ती होती नजर आ रही है।

नए गेहूं की आवक बढ़ते ही दाम सीधे न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2625 रुपए से नीचे लुढ़ककर 2100 से 2200 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं।

समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीदी 1 अप्रैल से शुरू होना है। ऐसे में हालात यह है कि किसान अपनी उपज औने-पौने दाम पर बेचने को मजबूर हैं, क्योंकि न तो उनके पास भंडारण की सुविधा है और न ही आर्थिक दबाव झेलने की क्षमता।

वहीं व्यापारियों का कहना है कि युद्ध के असर से एक्सपोर्ट ठप है और फ्लोर मिल में भी डिमांड कम होने से भाव कम ही है।

गेहूं कटाई के साथ ही मंडी में सुबह से ही ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की कतारें लग रही हैं। खेत से सीधे मंडी पहुंच रहे किसान बेहतर भाव की उम्मीद लेकर आ रहे हैं, लेकिन बोली लगते ही निराशा हाथ लग रही है।

 

किसानो ने क्या कहा…?

बरुड़ के किसान राधेश्याम कुशवाह ने बताया एक महीने पहले तक यही गेहूं 2700 से 2800 रुपए प्रति क्विंटल बिक रहा था, जिससे अच्छी आमदनी की उम्मीद थी, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल गए हैं।

किसानों के घर गेहूं रखने के लिए न तो पर्याप्त जगह है और न ही सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था।

ऊपर से बैंक का कर्ज, साहूकारों की उधारी, खाद-बीज के बकाया और घर-परिवार के खर्च। इन सबके बीच किसान इंतजार करने की स्थिति में नहीं है। है।

मांगरूल के किसान अजय पटेल ने बताया दाम कम हैं, ये हमें भी पता है, लेकिन पैसे की जरूरत अभी है इसलिए बेचना पड़ रहा है।

 

1 अप्रैल से शुरू होगी खरीदी

जिला आपूर्ति अधिकारी एचएस मुवेल ने बताया जिले में 1 अप्रैल से समर्थन मूल्य 2585 रुपए और 40 रुपए बोनस मिलाकर 2625 रुपए के भाव पर गेहूं की खरीदी शुरू होना है।

इस साल 75 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का लक्ष्य तय किया है। 34 केंद्रों पर खरीदी की जाएगी। 24550 किसानों ने पंजीयन कराया है।

 

व्यापारी बोले- फ्लोर मिल में भी डिमांड कम

कृषि उपज मंडी के व्यापारी राकेश कुमार जैन ने बताया खरगोन से गेहूं मुंबई, पुणे, औरंगाबाद, सनसवाड़ी, सेंधवा, निमरानी की फ्लोर मिल में जाता है।

जहां डिमांड कम होने से भाव 2400 से 2450 रुपए प्रति क्विंटल ही मिल रहे। वहीं अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते आटा, मैदा दूसरे देशों में नहीं पहुंच पा रहा।

स्टॉक ज्यादा होने से भी नए गेहूं को स्टोर करना जोखिम भरा है। इसी वजह से व्यापारी भी कम ही खरीदी कर रहे हैं।

दूसरी ओर सरकार द्वारा थोक व्यापारियों के लिए 3000 क्विंटल व फूटकर के लिए 10 क्विंटल की स्टॉक लिमिट तय कर रखी है। बाजार में प्रतिस्पर्धा घट गई है।

 

आज मंडी में नीलामी, 20 से अवकाश

गुड़ी पड़वा, चेटीचंड, ईद व गणगौर पर्व को देखते हुए कृषि उपज मंडी की नीलामी व्यवस्था में अस्थायी बदलाव किया है।

मंडी समिति के अनुसार 20 से 23 मार्च तक नीलामी कार्य बंद रहेगा। हालांकि 19 मार्च को अवकाश के बावजूद मंडी में अनाज की नीलामी चलेगी।

जिनिंग फैक्ट्रियों में मजदूरों की कमी भी एक कारण बताया गया है। मंडी समिति ने किसानों से आह्वान किया है कि वे इस अवधि में अपनी उपज को कृषि मंडी में लेकर न आएं।

 

शहर की मंडी में ऐसे रहे भाव

तारीख-न्यूनतम अधिकतम मॉडल

18 मार्च-2000-2600-2260

17 मार्च-2000-2536-2260

16 मार्च-2100-2579-2265

12 मार्च-1800-2415-2240

11 मार्च- 1920-2536-2270

10 मार्च-2051-2602-2340