40 लाख की डेयरी पर ₹10 लाख सब्सिडी, दिन में मिलेगी कृषि बिजली

बलराम कृषि महोत्सव 2026 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं।

40 लाख रुपये तक की डेयरी पर 10 लाख रुपये अनुदान, दिन में कृषि बिजली, नई मंडी, फूड प्रोसेसिंग, डेयरी और कृषि उद्योगों का विस्तार।

मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए कई बड़ी घोषणाएं करते हुए कृषि, पशुपालन और कृषि आधारित उद्योगों को नई दिशा देने का रोडमैप पेश किया है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में आयोजित राज्य स्तरीय बलराम कृषि महोत्सव-2026 का शुभारंभ करते हुए कहा कि वर्ष 2026 को “किसान कल्याण वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है।

इस दौरान किसानों की आय बढ़ाने के लिए डेयरी, सिंचाई, कृषि बिजली, फूड प्रोसेसिंग और आधुनिक खेती को बढ़ावा देने वाली कई योजनाओं की घोषणा की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महोत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराने और खेती को उत्पादन से बाजार तक जोड़ने का अभियान है।

राज्य के सभी 55 जिलों में 13 नवंबर 2026 तक बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किए जाएंगे।

 

40 लाख रुपये तक की डेयरी यूनिट पर मिलेगा 10 लाख रुपये का अनुदान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों और युवाओं के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि प्रदेश में 40 लाख रुपये तक की डेयरी इकाई स्थापित करने पर सरकार 10 लाख रुपये का अनुदान देगी।

सरकार का लक्ष्य प्रदेश के दुग्ध उत्पादन को वर्तमान लगभग 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक पहुंचाना है।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के साथ समझौते के बाद किसानों को दूध पर 8 से 10 रुपये प्रति लीटर तक अतिरिक्त मूल्य मिल रहा है, जिससे डेयरी किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है।

 

किसानों को अब दिन में मिलेगी कृषि बिजली

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों को रात की बजाय दिन में कृषि बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।

इससे सिंचाई कार्य आसान होगा और खेतों में होने वाली दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।

 

सिंचाई क्षमता 7.5 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 65 लाख हेक्टेयर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। वर्ष 2003 तक जहां केवल 7.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित था, वहीं अब यह बढ़कर 65 लाख हेक्टेयर तक पहुंच चुका है।

सरकार आने वाले वर्षों में सिंचित क्षेत्र को और बढ़ाने का लक्ष्य लेकर काम कर रही है।

उन्होंने केन-बेतवा लिंक परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल (PKC) परियोजना को प्रदेश के जल इतिहास को बदलने वाली परियोजनाएं बताया, जिनसे 13 जिलों को सिंचाई और पेयजल का लाभ मिलेगा।

 

खेती को खेत से बाजार तक जोड़ने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार खेती को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखना चाहती बल्कि “खेत से कारखाने और कारखाने से बाजार” तक पूरी कृषि अर्थव्यवस्था विकसित की जा रही है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में फूड प्रोसेसिंग उद्योगों का तेजी से विस्तार हो रहा है। हाल ही में उज्जैन में स्थापित 1250 करोड़ रुपये की आलू प्रोसेसिंग यूनिट प्रदेश के 32 जिलों से आलू खरीदेगी, जिससे किसानों को स्थायी बाजार मिलेगा।

 

किसानों के लिए मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाएं

बलराम कृषि महोत्सव में मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं –

  • 40 लाख रुपये तक की डेयरी इकाई पर 10 लाख रुपये का अनुदान
  • किसानों को दिन में कृषि बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।
  • इंदौर में आधुनिक और विशाल कृषि उपज मंडी विकसित होगी।
  • गौशाला संचालकों को प्रति गौवंश 40 रुपये प्रतिदिन अनुदान जारी रहेगा।
  • फूड प्रोसेसिंग, डेयरी, मत्स्य पालन और कृषि आधारित उद्योगों का विस्तार।
  • नीलगाय एवं अन्य वन्य पशुओं से फसलों की सुरक्षा के लिए विशेष योजना लागू होगी।
  • कृषि आधारित रोजगार और प्रसंस्करण को बढ़ावा दिया जाएगा।

 

एक मंच पर किसानों को मिली 16 विभागों की जानकारी

बलराम कृषि महोत्सव में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, सहकारिता, एमएसएमई, ऊर्जा, राजस्व सहित 16 विभागों ने स्टॉल लगाए।

किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, ड्रोन, प्राकृतिक खेती, कृषि यंत्रीकरण, डेयरी, मत्स्य पालन, कृषि ऋण, बीमा, विपणन और सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में उत्कृष्ट किसानों, किसानों के परिवारों के विद्यार्थियों तथा कृषि क्षेत्र में कार्य कर रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को भी सम्मानित किया गया।

 

किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह महोत्सव?

सरकार का उद्देश्य किसानों को केवल खेती तक सीमित न रखकर उन्हें प्रसंस्करण, डेयरी, पशुपालन, आधुनिक तकनीक, डिजिटल कृषि सेवाओं और कृषि उद्योगों से जोड़ना है।

इससे खेती अधिक लाभकारी बनेगी और किसानों की आय बढ़ाने के नए अवसर तैयार होंगे।