उड़द के बाद अब गेहूं पर भी बोनस का ऐलान, पंजीयन की तारीख भी बढ़ाई

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश के किसानों के लिए गेहूं पर 40 रुपए और उड़द पर 600 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा की है।

साथ ही गेहूँ की सरकारी खरीद के लिए पंजीयन की तारीख को 10 मार्च तक बढ़ा दिया है।

 

पंजीयन की तारीख बढ़ी, किसानों को मिली राहत

गेहूँ उपार्जन के लिए पंजीयन करा रहे किसानों को आ रही तकनीकी दिक्कतों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने बड़ा फैसला लिया है।

अब गेहूँ उपार्जन पंजीयन की अंतिम तिथि 7 मार्च से बढ़ाकर 10 मार्च 2026 कर दी गई है। इससे हजारों छूटे हुए किसान अपनी फसल बेचने के लिए पंजीकरण करा सकेंगे।

 

किसान संघ के साथ बैठक में हुई चर्चा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में बैठक की।

इस बैठक में कृषि, राजस्व, सहकारिता, जल संसाधन और उद्यानिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

बैठक में भूमि अधिग्रहण मुआवजा बढ़ाने, जंगली जानवरों से फसल नुकसान पर मुआवजा, मंडी अधिनियम, फसल गिरदावरी, नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन की समय-सीमा तय करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए दिन में बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।

इससे किसानों को रात में खेतों में सिंचाई करते समय आने वाली समस्याओं और जोखिम से राहत मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का “फूड बास्केट” है और यहां दलहन, तिलहन तथा सब्जियों का उत्पादन बड़ी मात्रा में होता है।

राज्य सरकार किसानों को समृद्ध बनाने के लिए लगातार किसान हितैषी फैसले ले रही है और आगे भी किसानों के सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।