कृषि कैबिनेट के ऐतिहासिक फैसले : किसानो को मिली करोडो की सौगात

मध्य प्रदेश के बड़वानी में कृषि कैबिनेट का आयोजन, सीएम ने किसानों के लिए कर दी बड़ी घोषणाएं, बोले, किसान कल्याण के लिए 27 हजार 746 करोड़ खर्च करेगी सरकार.

मध्य प्रदेश कैबिनेट ने किसानों की सुख समृद्धि और कृषि के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए आज बड़े फैसले किए गए हैं। बता दें कि ये प्रदेश की कृषि कैबिनेट थी।

कैबिनेट में विशेष रूप से बड़वानी जिले की कृषि शक्ति को नया आयाम देने वाले दो माइक्रो सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। वहीं एक आधुनिक कृषि मंडी के निर्माण की भी हरी झंडी दी है।

 

सीएम ने खुद सुनाए बैठक के अहम निर्णय

सीएम मोहन यादव ने कहा, कि किसानों के कल्याण के लिए 6 विभागों की 16 योजनाओं के लिए अहम फैसले लिए गए हैं।

इन योजनाओं पर सरकार पर 27 हजार 746 करोड़ का भार आएगा। ये राशि किसान कल्याण पर खर्च की जाएगी।

सीएम ने कहा कि पिछली बार भगोरिया उत्सव में की गई घोषणा पानसेमल और वारणा को आज हमने कृषि कैबिनेट में पूरा किया है।

सच्चा वादा पक्का काम, यह हमारी सरकार की पहचान इस संकल्प की पूर्ति की है। बता दें कि कृषि कैबिनेट के बाद सीएम मोहन यादव ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुद ही कैबिनेट के बड़े फैसले सुनाए हैं।

 

यहां जानें कृषि कैबिनेट के अहम फैसले

  • दो माइक्रो सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरीकैबिनेट ने बड़वानी जिले के लिए दो महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनके जरिए किसानों को पानी की उपलब्धता बढ़ेगी कृषि उत्पादन और फसलों की पैदावार को बढ़ानें की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

इन परियोजनाओं के तहत क्या होगा

सेंधवा-माइक्रो सिंचाई परियोजना और निवाली माइक्रो सिंचाई परियोजना शुरू की जाएगी।

ये दोनों परियोजनाएं बड़वानी के किसानों को सिंचाई के तहत बेहतर साधन प्रदान करेंगी और नर्मदा के पानी का उपयोग सुनिश्चित करेंगी।

प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि इन परियोजनाओं का लक्ष्य हर खेत तक पानी पहुंचाना है। इससे कृषि उत्पादन में स्थिरता और वृद्धि सुनिश्चित होगी।

 

किसानों के लिए क्या-क्या बदलेगा?

  • किसानों के लिए सिंचाई की सुविधा में वृद्धि होगी।
  • कृषि उत्पादन और फसल पैदावार में सुधार होगा।
  • मंडी में आधुनिक सुविधाओं से बेहतर बाजार मूल्य मिलेगा
  • कृषि क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर

 

यहां पढ़ें मोहन सरकार की कृषि कैबिनेट के अहम फैसले
  • वरला ओर पानसेमल माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना को मंजूरी।
  • भीलटदेव क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।
  • सरसों फसल को भावांतर योजना में शामिल करने को मंजूरी।
  • बड़वानी में आधुनिक नवीन कृषि उपज मंडी बनाई जाएगी।
  • बड़वानी में खेतिया कृषि उपज मंडी को आदर्श कृषि उपज मंडी बनाएंगे।
  • मछली उत्पादन से जुड़े कारोबार में निवेश को लेकर नई मत्स्य पालन नीति लाने की तैयारी। 218.50 करोड़ की राशि खर्च की जाएगी।
  • नई नीति में मछली उत्पादकों को कोल्ड चेन में निवेश, मार्केटिंग स्ट्रक्चर तैयार करने, रेफ्रिजरेटेड वैन खरीदने और मछलियों के फीड प्लांट लगाने पर सब्सिडी का प्रावधान होगा।
  • महाविद्यालयों में एग्रीकल्चर सब्जेक्ट पढ़ाने की तैयारी।
  • नेशनल शूटिंग चैंपियन वैष्णवी माहुले के पिता को शूटिंग अकादमी के लिए सीएम ने 5 लाख रुपए देने की घोषणा की।
  • सहकारी विभाग की अलग-अलग 4 योजनाओं के माध्यम से 8186 करोड़ की राशि का व्यय वित्त विभाग पर आएगा।

 

25 किसानों होंगे मास्टर ट्रेनर, दूसरे राज्यों को देंगे प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने 25 किसानों को मास्टर ट्रेनर बनाया जा रहा है, ये दूसरे राज्यों में प्राकृतिक खेती के गुर सिखाएंगे।

मछुआ किसान व मतस्य किसान जो डूब क्षेत्र में आते हैं, प्रभावित किसानों की आजीविका को संवर्धन देने के लिए एकीकृत मत्स्य उत्पादन नीति 2026 के जरिए 5000 केजों के माध्यम से अलग-अलग अत्याधुनिक फिश फार्मिंग, फिश कम डक, बागवानी, पोल्ट्री आधारित इको टूरिज्म को बढ़ाते हुए सभी प्रकार के लोगों की आय बढ़े, ताकि विस्थापित भाई-बहनों को नए क्षेत्रों से रोजगार मिले।

-डॉ. मोहन यादव, सीएम