नई विद्युत दरें जारी
मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बिजली बिलों पर बड़ी राहत की घोषणा की है
अटल गृह ज्योति और कृषि ज्योति योजना के तहत करोड़ों उपभोक्ताओं को भारी सब्सिडी मिलेगी।
नए टैरिफ नियमों और सौर ऊर्जा छूट की पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।
मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश के करोड़ों घरेलू उपभोक्ताओं और किसानों को बिजली बिलों में बड़ी राहत देने का निर्णय लिया है।
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने घोषणा की है कि राज्य सरकार चालू वित्तीय वर्ष में लगभग 25,800 करोड़ रुपये की सब्सिडी का बोझ स्वयं वहन करेगी।
विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी नए टैरिफ आदेशों के तहत कई श्रेणियों में न्यूनतम प्रभार (Minimum Charges) भी समाप्त कर दिए गए हैं।
बिजली बिल पर मिलेगी भारी सब्सिडी
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि “अटल कृषि ज्योति योजना” के तहत 10 हॉर्स पावर तक के कृषि उपभोक्ताओं को बिजली दरों पर भारी छूट मिल रही है।
इस योजना के अनुसार किसानों को कुल बिल का केवल करीब 7 प्रतिशत ही भुगतान करना होता है, जबकि शेष 93 प्रतिशत राशि सरकार वहन करती है। प्रदेश में करीब 38 लाख कृषि उपभोक्ता इस योजना का लाभ उठा रहे हैं।
इसके अतिरिक्त राज्य शासन की अटल गृह ज्योति योजना के तहत 150 यूनिट प्रति माह तक मासिक खपत वाले घरेलू उपभोक्ताओं को प्रथम 100 यूनिट पर मात्र 100 रुपए एवं अतिरिक्त 50 यूनिट पर वास्तविक दर से भुगतान करने का प्रावधान है।
अतः घरेलू उपभोक्ताओं को 100 यूनिट तक के बिल पर पूर्व के भांति अटल गृह ज्योति योजना के तहत मात्र 100 रुपये का ही भुगतान करना होगा जबकि 100 यूनिट खपत पर शहर के प्रत्येक घरेलू उपभोक्ताओं की तरफ से शासन द्वारा सब्सिडी के रूप में लगभग 600 रुपए वहन किये जाएँगे।
बिजली बिलों में आएगी कमी: FPPAS दरों में बदलाव
नियामक आयोग के निर्देश पर ऊर्जा प्रभार (Energy Charge) में 0.63% की कमी की गई है।
दरअसल, फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (FPPAS) की नई दरें लागू होने से उपभोक्ताओं के बिलों की गणना अब कम दर पर की जाएगी, जिससे सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
नए टैरिफ आदेश (2026-27) की 5 बड़ी बातें:
विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों में उपभोक्ताओं के लिए कई प्रोत्साहन शामिल हैं:
- न्यूनतम प्रभार खत्म: उच्च दाब घरेलू (HV-6), कृषि (HV-5) और मेट्रो श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए ‘न्यूनतम प्रभार’ पूरी तरह समाप्त कर दिए गए हैं।
- स्मार्ट मीटर पर 20% छूट: 10 किलो वॉट तक के भार वाले स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को सौर घंटों (सुबह 9:00 से शाम 5:00 बजे) के दौरान बिजली उपयोग पर 20% की छूट मिलेगी।
- ग्रीन एनर्जी प्रोत्साहन: पर्यावरण प्रेमी उपभोक्ता मात्र 30 पैसे प्रति यूनिट अतिरिक्त देकर 100% रिन्यूएबल एनर्जी का उपयोग कर सकते हैं। इसकी दरों में पिछले साल के मुकाबले 43% की कमी की गई है।
- प्रीपेड और ऑनलाइन भुगतान: जो उपभोक्ता प्रीपेड मीटर का उपयोग करते हैं या ऑनलाइन बिल जमा करते हैं, उन्हें पहले की तरह छूट और प्रोत्साहन मिलता रहेगा।
- कोई मीटर रेंटल नहीं: पिछले वर्ष की तरह इस साल भी उपभोक्ताओं से कोई मीटर रेट या मीटरिंग चार्ज नहीं वसूला जाएगा।
विशेष नोट: वितरण कंपनियों ने 10.19% वृद्धि की मांग की थी, लेकिन सरकार और आयोग ने जनहित में इसे सीमित रखते हुए केवल 4.8% की औसत वृद्धि को ही मंजूरी दी है।
विस्तृत टैरिफ आदेश की जानकारी के लिए उपभोक्ता आयोग की आधिकारिक वेबसाइट www.mperc.in पर जा सकते हैं।
