प्याज के बजाय, प्याज के बीज उत्पादन पर किसानों का फोकस

अच्छे मुनाफे की है उम्मीद

पिछले वर्ष की मार से सबक, बाजार में प्याज के बीज की मांग निरंतर बनी रहती है

पिछले वर्ष प्याज की खेती में भारी उतार-चढ़ाव और औने-पौने दाम मिलने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ा था।

मंडियों में भाव गिरने, भंडारण की दिक्कतों और परिवहन लागत बढने के कारण कई किसानों की लागत भी नहीं निकल पाई थी।

ऐसे अनुभवों से सबक लेते हुए इस वर्ष क्षेत्र के अनेक किसानों ने रणनीति बदली है और प्याज की खेती के बजाय प्याज के बीज उत्पादन की ओर रुख किया है, ताकि जोखिम कम हो और मुनाफा सुनिश्चित किया जा सके।

 

निरंतर बनी रहती है बीज की मांग

किसानों का कहना है बाजार में अच्छी क्वालिटी के प्याज के बीज का भाव 1500 से 2 हजार रुपए किलो तक बिक जाता है।

प्याज के बीज की मांग निरंतर बनी रहती है। इसी के चलते किसानों द्वारा धीरे-धीरे प्याज के बीच उत्पादन की खेती की ओर ज्यादा अग्रसर हो रहे हैं।

अनेक किसानों द्वारा तो बिज कंपनी से एग्रीमेंट करके सीधे कंपनी को बेचते हैं, हालांकि इसमें किसानों को कम भाव में बीज बेचना पड़ता है।

 

कम लागत में बेहतर उत्पादन मिलता है

कई किसानों ने बताया कि बीज उत्पादन में लागत अपेक्षाकृत नियंत्रित रहती है। इसमें खाद, दवाई एवं मजदूरी का खर्चा भी बहुत कम लगता है।

प्रति हेक्टेयर आय प्याज की सामान्य खेती से अधिक मिलने की उम्मीद रहती है। कृषि विशेषज्ञों क़ा भी मानना है कि बाजार जोखिम से बचने के लिए किसानों का फसल विविधीकरण की ओर बढना सकारात्मक कदम है।

बीज उत्पादन जैसी मूल्यवर्धित गतिविधियों से किसानों की आय में स्थिरता आती है। यदि मौसम अनुकूल रहा और बीज की गुणवत्ता बनी रही तो इस वर्ष किसानों को अच्छा मुनाफा मिलने की पूरी संभावना है।

 

बीज भंडारण करना भी आसान होता है

किसानों का कहना है कि बीज उत्पादन में बाजार की मांग अपेक्षाकृत स्थिर रहती है। अच्छी किस्म के प्रमाणित बीजों की मांग न सिर्फ स्थानीय स्तर पर बल्कि अन्य जिलों और राज्यों से भी आती है। इससे उन्हें पहले से तय भाव मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

साथ ही बीज फसल का भंडारण और परिवहन भी प्याज की तुलना में आसान होता है, जिससे नुकसान की आशंका कम रहती है।

बीज उत्पादन करने वाले किसानों के अनुसार सही किस्म का चयन, समय पर रोपाई, संतुलित पोषण और रोग-कीट प्रबंधन से अच्छी पैदावार मिल रही है।

फूल आने और बीज बनने की अवस्था में अतिरिक्त सावधानी बरतने से बीज की गुणवत्ता बेहतर रहती है जिसका सीधा असर दाम पर पड़ता है।

 

इनका कहना है

खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए किसानों को विकल्पों पर जरूर ध्यान देना पड़ेगा, जो कि किसानों के हित में ही होगा।

प्याज के बीज उत्पादन में किसानों को अच्छा लाभ मिलेगा। समय-समय पर हम किसानों को फसल संबंधित मार्गदर्शन भी देते रहते हैं।

सकाराम मुजाल्दा, वरिष्ठ उद्यानिकी विकास अधिकारी सरदारपुर