कृषि मंत्री ने दिए सर्वे और मुआवजे के निर्देश
मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों के लिए तत्काल सर्वे के आदेश दिए हैं।
सरकार पारदर्शिता के साथ किसानों को समय पर मुआवजा और राहत राशि प्रदान करेगी।
प्रदेश में हाल ही में हुई वर्षा और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने स्पष्ट कहा है कि सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और हर परिस्थिति में उनके साथ मजबूती से खड़ी है।
उन्होंने कहा कि वर्षा एवं ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों के नुकसान की राहत राशि देने के लिए गंभीरता से कार्य किया जाएगा।
प्रभावित जिलों में तत्काल सर्वे के आदेश
कृषि मंत्री कंषाना ने बताया कि जिन-जिन जिलों में बारिश और ओलावृष्टि की घटनाएं सामने आई हैं, वहां तत्काल प्रभाव से फसल नुकसान का सर्वे कराने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सर्वे कार्य पारदर्शिता, संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ जल्द पूरा किया जाए, ताकि किसानों को राहत राशि का भुगतान समय पर किया जा सके।
किसानों को समय पर मिलेगा मुआवजा
कृषि मंत्री ने आश्वासन दिया कि किसी भी किसान को नुकसान की स्थिति में अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।
सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता शीघ्र उपलब्ध कराई जाए।
राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जाए और प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई में पूरी मदद दी जाए।
किसानों से सहयोग की अपील
कृषि मंत्री कंषाना ने किसानों से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें तथा स्थानीय प्रशासन के साथ सहयोग करें।
सरकार की प्राथमिकता है कि किसानों को शीघ्र राहत प्रदान कर उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित में निरंतर कार्य कर रही है और भविष्य में भी किसान कल्याण के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगी।
बीमित किसान करें यह काम
वहीं ऐसे किसान जिनकी फसल को अभी बेमौसम बारिश और ओला वृष्टि से नुकसान पहुंचा है वे किसान अभी यह कदम उठायें:
- फसल खराब होने की सूचना 72 घण्टे के भीतर अनिवार्य रूप से दें।
- किसान फसल नुकसान की सूचना के लिए टोल-फ्री नंबर 14447 पर कॉल कर सकते हैं।
- ख़राब फसल की सूचना कृषि रक्षक पोर्टल (pmfby.gov.in/krph/) के माध्यम से भी दर्ज की जा सकती है।
- इसके अलावा किसान अपने जिले की संबंधित बीमा कंपनी, नजदीकी कृषि कार्यालय या संबंधित बैंक में जाकर ‘हानि प्रपत्र’ भरकर भी सूचना दे सकते हैं।
