अब इस दिन से शुरू होगी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद

सरकार ने बदली तारीखें

मध्य प्रदेश सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं खरीदी की तारीखों का ऐलान कर दिया है।

इंदौर, भोपाल सहित कई संभागों में 10 अप्रैल से शुरू होगा उपार्जन। जानें पूरी डिटेल।

मध्य प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी खबर है। राज्य सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2026-27 के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं की खरीदी की नई तारीखों का आधिकारिक ऐलान कर दिया है।

पहले यह खरीद 1 और 7 अप्रैल से अलग-अलग संभागों में शुरू होने वाली थी। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट समिति की उच्च स्तरीय बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार, प्रदेश में गेहूं उपार्जन का कार्य दो चरणों में शुरू किया जाएगा।

बता दें कि इस बार मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों को आर्थिक संबल देने के लिए गेहूं खरीद पर 40 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।

राज्य सरकार के इस निर्णय के बाद अब प्रदेश के किसानों से गेहूं की खरीदी 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी।

रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये प्रदेश के कुल 19 लाख 4 हजार 651 किसानों ने पंजीयन कराया है।

 

अब इन तारीखों से शुरू होगी गेहूं खरीद

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि भौगोलिक स्थितियों और फसल की आवक को देखते हुए प्रदेश को दो हिस्सों में बांटा गया है:

  • 10 अप्रैल 2026 से शुरुआत: इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और भोपाल संभाग।
  • 15 अप्रैल 2026 से शुरुआत: ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग (शेष सभी संभाग)।

 

किसानों को परेशानी ना हो इसके लिए दिए गए निर्देश

सरकार ने संबंधित विभागों को खरीदी केंद्रों की स्थापना, पर्याप्त भंडारण क्षमता, परिवहन व्यवस्था और भुगतान प्रणाली को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।

उद्देश्य यह है कि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो और उन्हें समय पर भुगतान मिल सके।

बैठक में वैश्विक परिस्थितियों, विशेषकर मध्य पूर्व में चल रहे तनाव को देखते हुए खाद्यान्न आपूर्ति और भंडारण व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया।

अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी, सुचारु और समयबद्ध बनाया जाए।

 

किसानों को बिना देरी मिलेगा भुगतान

सरकार डिजिटल भुगतान प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दे रही है, ताकि किसानों को उनकी उपज का पैसा बिना देरी सीधे बैंक खाते में मिल सके।

साथ ही निगरानी तंत्र को भी मजबूत किया जा रहा है। बैठक में कई वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी उपस्थित रहे।

मंत्री राजपूत ने कहा कि सुव्यवस्थित गेहूं खरीदी से किसानों को लाभ मिलेगा और प्रदेश की खाद्य सुरक्षा भी मजबूत होगी।