बढ़ते तापमान को लेकर निर्देश
उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद ने अगले दो सप्ताह के लिए मौसम आधारित कृषि परामर्श जारी कर रबी फसलों, सब्जियों, गन्ना और पशुपालन को लेकर किसानों को महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं।
उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा आगामी दो सप्ताह के लिए मौसम आधारित कृषि परामर्श जारी किया गया है।
परिषद के महानिदेशक डॉ. संजय सिंह की अध्यक्षता में आयोजित क्रॉप वेदर वॉच ग्रुप की 24वीं बैठक में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) से प्राप्त पूर्वानुमानों के आधार पर किसानों के लिए महत्वपूर्ण सुझाव जारी किए गए।
किसान सिंचाई पर दें विशेष ध्यान
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश में अगले दिनों में मौसम शुष्क रहने और तापमान में क्रमिक वृद्धि होने की संभावना है।
विशेषज्ञों ने किसानों को रबी फसलों के खेतों में नमी बनाए रखने के लिए आवश्यकता अनुसार हल्की सिंचाई करने की सलाह दी है।
देरी से बोए गए गेहूं में दाना भरने की अवस्था में पोटेशियम नाइट्रेट के पर्णीय छिड़काव और गेरुई व पत्ती धब्बा रोग के नियंत्रण हेतु प्रोपीकोनाजोल की सिफारिश की गई है।
चना और अरहर की फसलों में कीट प्रकोप से बचाव के लिए भी उचित कीटनाशकों के प्रयोग की सलाह दी गई है।
सब्जी और गन्ना किसानों के लिए सलाह
बैठक में जानकारी दी गई कि वर्तमान मौसम जायद की फसलों जैसे टमाटर, भिंडी, लोबिया और कद्दूवर्गीय सब्जियों की बुआई के लिए पूरी तरह अनुकूल है।
बसंतकालीन गन्ने की बुआई हेतु नई उन्नत किस्मों के प्रयोग पर बल दिया गया है। वहीं लाल सड़न रोग से संक्रमित किस्म को-0238 की बुआई ना करने की सख्त हिदायत दी गई है।
गन्ने के साथ अन्तः फसल के रूप में उड़द, मूंग या लोबिया की खेती कर अपनी आमदनी बढ़ाने की हिदायत दी गई है।
बागवानी और पशुपालन पर भी फोकस
वहीं उद्यान एवं प्रभागों के लिए जारी परामर्श में आम के बौर को कीटों और खर्रा रोग से बचाने के उपाय साझा किए गए है।
पशुपालकों को एफएमडी (खुरपका-मुंहपका) के निःशुल्क टीकाकरण का लाभ उठाने की सलाह दी गई है। वहीं मत्स्य पालकों को मछली बीज संचयन पर ध्यान देने को कहा गया है।
परिषद ने विस्तृत परामर्श रिपोर्ट अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराई है, ताकि किसान समय रहते आवश्यक कदम उठा सकें।
