इस दिन से MP में शुरू होगी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद

मुख्यमंत्री ने दिए सख्त निर्देश

मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी 16 मार्च से शुरू होगी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को किसानों के पंजीयन, बारदानों की उपलब्धता और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गेहूं उपार्जन प्रक्रिया के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़े।

उन्होंने जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि पंजीकृत किसानों के सत्यापन, उपार्जन केंद्रों पर पर्याप्त बारदानों की उपलब्धता और किसानों को समय पर भुगतान की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश गुरुवार, 5 मार्च को मंत्रालय में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद जिला कलेक्टरों के साथ वर्चुअल संवाद के दौरान दिए।

उन्होंने कहा कि गेहूं खरीदी प्रक्रिया पारदर्शी, व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से संचालित की जानी चाहिए ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

 

16 मार्च से शुरू होगी गेहूं खरीदी

राज्य सरकार के अनुसार गेहूं उपार्जन की शुरुआत अलग-अलग संभागों में चरणबद्ध तरीके से की जाएगी।

गेहूं खरीदी का काम इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 16 मार्च से 5 मई तक होगा और शेष संभागों जबलपुर, ग्वालियर, रीवा, शहडोल, चम्बल व सागर में 23 मार्च से 12 मई तक किया जाएगा। 

सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे गेहूं उपार्जन के लिए 7 मार्च तक अपना पंजीयन अवश्य करा लें ताकि उन्हें खरीदी प्रक्रिया में किसी प्रकार की समस्या न हो।

 

उपार्जन केंद्रों पर सभी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी उपार्जन केंद्रों का समय-सीमा में निर्धारण और स्थापना की जाए।

साथ ही इन केंद्रों पर किसानों के लिए आवश्यक सुविधाएं जैसे तौल व्यवस्था, बारदानों की उपलब्धता और अन्य व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं।

उन्होंने कहा कि उपार्जन कार्य में लगे कर्मचारियों को उचित प्रशिक्षण दिया जाए और जिला उपार्जन समितियां नियमित बैठक कर समस्याओं का त्वरित समाधान करें।

 

किसानों को समय पर मिले जानकारी और भुगतान

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि किसानों को खरीदी से संबंधित अद्यतन जानकारी सरल और स्पष्ट तरीके से उपलब्ध कराई जाए।

साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि गेहूं बेचने वाले किसानों को भुगतान समय पर सीधे उनके खातों में पहुंचे।

सरकार का उद्देश्य है कि गेहूं उपार्जन प्रक्रिया को किसान-हितैषी बनाते हुए किसानों को पारदर्शी और सुविधाजनक व्यवस्था प्रदान की जाए।