MP में किसानों से 104 लाख मीट्रिक टन की खरीदी, 2625 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से भुगतान

मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी ने बनाया नया रिकॉर्ड

मध्य प्रदेश सरकार ने इस वर्ष गेहूं खरीदी में नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि अब तक प्रदेश में किसानों से 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है।

किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2585 रुपये के साथ 40 रुपये बोनस जोड़कर कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान किया गया है।

सरकार ने इस साल गेहूं उपार्जन में अपने सभी पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। उज्जैन से जारी एक वीडियो संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद राज्य सरकार ने किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।

उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने ‘कृषक कल्याण’ को केंद्र में रखते हुए काम किया है और पूरा वर्ष किसानों को समर्पित किया गया है।

 

इस प्रकार हुआ भुगतान

राज्य सरकार ने गेहूं उत्पादक किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के साथ अतिरिक्त लाभ दिया है:

  • न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP): 2585 रुपए प्रति क्विंटल
  • राज्य सरकार का बोनस: 40 रुपए प्रति क्विंटल
  • कुल भुगतान: 2625 रुपए प्रति क्विंटल की दर से किसानों को राशि दी गई।
  • कुल वितरित राशि: अब तक किसानों के खातों में गेहूं उपार्जन की 24 हजार करोड़ रुपये की राशि भेजी जा चुकी है।

 

किसानों की संख्या में मध्य प्रदेश देश में अव्वल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि गेहूं बेचने वाले किसानों की संख्या के मामले में मध्य प्रदेश देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है।

वहीं उत्पादन के मामले में प्रदेश पंजाब के बाद दूसरे स्थान पर है। इसके अलावा, मध्य प्रदेश ऐसा राज्य है जहां सबसे लंबे समय तक गेहूं खरीदी की व्यवस्था लागू रही।

 

छोटे किसानों को प्राथमिकता देने की अनूठी पहल

इस वर्ष प्रदेश में एक नई व्यवस्था लागू की गई, जिसके तहत छोटे और मध्यम वर्ग के किसानों से पहले गेहूं खरीदा गया, ताकि उन्हें मंडियों में अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

छोटे किसानों से लगभग 32.72 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की गई। अब तक करीब 13.75 लाख किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदा जा चुका है।

पंजीयन कराने वाले सभी किसानों का गेहूं सुरक्षित रूप से सरकारी गोदामों तक पहुंचाया गया है।

 

किसानों के हित सर्वोपरि

मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक स्तर पर चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों, जैसे पश्चिम एशिया में युद्ध, के बावजूद राज्य सरकार ने किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने रिकॉर्ड स्तर पर गेहूं खरीदी कर किसानों को राहत प्रदान की है और लगातार किसान हितैषी फैसले लिए जा रहे हैं।

 

पशुपालन और फूड प्रोसेसिंग पर जोर

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने पूरे वर्ष को कृषक कल्याण के लिए समर्पित किया है।

किसानों की आय बढ़ाने के लिए पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, फसल उत्पादन और फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है, ताकि प्रदेश का हर किसान समृद्ध और खुशहाल बन सके।