प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना छोटे किसानों को वृद्धावस्था में वित्तीय सहायता प्रदान करती है। 60 वर्ष की आयु के बाद पात्र किसानों को मासिक पेंशन मिलती है।
18 से 40 वर्ष की आयु के किसान इस योजना में पंजीकरण करा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें मासिक प्रीमियम देना होता है।
योजना का उद्देश्य किसानों को सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।
पीएम किसान योजना की ही तरह प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना भारत सरकार की छोटे और सीमांत किसानों को फायदा पहुंचाने वाली योजना है। इस योजना के तहत वृद्धावस्था में वित्तीय मदद मिलती है।
इस योजना का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि देश का पेट भरने के लिए कड़ी मेहनत करने वाले किसानों के पास रिटायरमेंट के बाद मंथली इनकम का जरिया बना रहे। इससे वे मासिक आय की तरफ से टेंशन फ्री हो जाते हैं।
यह योजना उन कई किसानों के लिए ज्यादा बेहतर है, जिनके पास बुढ़ापे के लिए बहुत कम या कोई बचत नहीं है।
हर महीने मिलती है पेंशन
प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना के तहत, पात्र किसानों को 60 वर्ष की आयु के बाद मासिक पेंशन मिलती है। यह एक स्वैच्छिक योजना है।
इसमें किसानों को हर महीने एक छोटी राशि जमा करनी होती है, जो 60 साल की आयु तक जमा करनी होती है।
एक बार नॉमिनेशन हो जाने पर, किसानों को अधिकतम ₹3,000 मासिक पेंशन सुनिश्चित हो जाती है।
ये हैं जरूरी नियम
- पीएम किसान मानधन योजना के तहत रजिस्ट्रेशन करने के लिए किसानों की आयु 18 से 40 वर्ष तक होनी चाहिए
- किसान के पास राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के भूमि रिकॉर्ड के अनुसार अधिकतम दो हेक्टेयर तक की खेती भूमि होनी चाहिए
- इसमें किसानों को मासिक आधार पर पैसा भी जमा करना होता है
- किसान जिस आयु में इस पेंशन योजना में रजिस्ट्रेशन करेंगे, उसी आधार पर उनके लिए प्रीमियम तय होगा। ये प्रीमियम 55 रुपये से 200 रुपये तक हो सकता है
- आप करीबी कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर इस योजना के तहत रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं
इन डॉक्यूमेंट्स की होगी जरूरत
प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना के लिए आवेदन करने के लिए किसानों के पास कुछ आवश्यक दस्तावेज होने चाहिए।
- इनमें आधार कार्ड,
- बैंक खाते की पासबुक,
- भूमि के कागजात और
- पासपोर्ट साइज की फोटो शामिल है।
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