इन नई योजनाओं से किसानों की आय बढ़ाएगी सरकार
केंद्रीय बजट 2026-27 में किसानों के लिए कई अहम योजनाओं का ऐलान किया गया है।
मत्स्य पालन, पशुपालन, उच्च मूल्य वाली फसलें और भारत-विस्तार AI टूल से किसानों की आय और रोजगार बढ़ाने पर फोकस।
केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार, 1 फरवरी को संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया।
इस बजट में सरकार ने पारंपरिक खेती के साथ-साथ मत्स्य पालन, पशुपालन और उच्च मूल्य वाली फसलों (High–Value Crops) के जरिए किसानों की आय दोगुनी करने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है।
उच्च मूल्य वाली कृषि: नारियल और चंदन की खेती को प्रोत्साहन
- भारत दुनिया का सबसे बड़ा नारियल उत्पादक देश है, जिस पर लगभग 30 मिलियन लोगों की आजीविका निर्भर है। इसे और मजबूती देने के लिए सरकार ने “नारियल संवर्धन योजना” की घोषणा की है।
- नारियल की नई किस्में: प्रमुख उत्पादक राज्यों में पुराने और कम उत्पादक पेड़ों की जगह आधुनिक और अधिक उपज देने वाले पौधे लगाए जाएंगे।
- आत्मनिर्भरता: बजट में भारतीय काजू और कोको के प्रसंस्करण (Processing) में आत्मनिर्भर बनने और इन्हें 2030 तक प्रीमियम वैश्विक ब्रांड बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
- विरासत का संरक्षण: चंदन की लकड़ी की खेती और कटाई के बाद के प्रसंस्करण (Post–harvest processing) को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करेंगी।
मत्स्य पालन को मिलेगा नया विस्तार
सरकार ने मत्स्य क्षेत्र के समग्र विकास के लिए कई अहम पहलें शुरू करने की घोषणा की है। इसके तहत-
- 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों का एकीकृत विकास किया जाएगा।
- तटवर्ती क्षेत्रों में मत्स्य मूल्य शृंखला को मजबूत किया जाएगा।
- मत्स्य पालक किसान उत्पादक संगठनों (FPO), स्टार्टअप्स और महिला-प्रेरित समूहों को बाजार से जोड़ा जाएगा।
इससे मछुआरों की आय बढ़ने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
पशुपालन से बढ़ेगा रोजगार
पशुपालन क्षेत्र को ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के आसपास गुणवत्तापूर्ण रोजगार का साधन बनाने के लिए सरकार ने कई योजनाएं प्रस्तावित की हैं, जिनमें शामिल हैं-
- ऋण आधारित सब्सिडी कार्यक्रम,
- पशुधन उद्यमों का आधुनिकीकरण,
- डेयरी और मुर्गीपालन के लिए एकीकृत मूल्य शृंखला का निर्माण,
- पशुधन किसान उत्पादक संगठनों को प्रोत्साहन।
‘भारत-विस्तार’: खेती में एआई (AI) का क्रांतिकारी कदम
- तकनीक के क्षेत्र में सरकार ने “भारत-विस्तार” (Bharat–VISTAAR) नामक एक बहुभाषीय एआई टूल लॉन्च किया है-
- यह टूल एग्रीस्टैक (AgriStack) पोर्टल और ICAR की कृषि प्रणालियों के साथ एकीकृत होगा,
- इसके माध्यम से किसानों को उनकी स्थानीय भाषा में सटीक सलाह मिलेगी, जिससे जोखिम कम होगा और सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
पर्वतीय और पूर्वोत्तर क्षेत्रों का विकास
पहाड़ी क्षेत्रों में अखरोट, बादाम और खुमानी के पुराने फलोद्यानों के संरक्षण के लिए सहायता दी जाएगी।
वहीं, पूर्वोत्तर राज्यों में अगर (Agar) के पेड़ों की खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि वहां के किसानों को वैश्विक बाजार का लाभ मिल सके।
