गेहूं की बंपर खरीद की तैयारी: 2585 रुपए MSP पर रजिस्ट्रेशन शुरू

जानें अंतिम तिथि और पंजीयन केंद्रों की पूरी लिस्ट

मध्यप्रदेश में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं पंजीयन जारी है। खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि अब तक 4.42 लाख किसानों ने पंजीकरण कराया है। 2585 रुपए प्रति क्विंटल मिलेगा समर्थन मूल्य।

मध्यप्रदेश में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं उपार्जन की प्रक्रिया तेज हो गई है।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि अब तक राज्य के 4 लाख 42 हजार 288 किसानों ने अपना पंजीयन करा लिया है।

सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे 7 मार्च 2026 की निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपना रजिस्ट्रेशन अनिवार्य रूप से करा लें।

 

MSP 2585 रुपये प्रति क्विंटल घोषित

केंद्र सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2585 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है।

यह पिछले वर्ष की तुलना में 160 रुपये अधिक है। सरकार का कहना है कि यह बढ़ोतरी किसानों को बेहतर लाभ दिलाने के उद्देश्य से की गई है।

 

संभागवार पंजीयन आंकड़े

मंत्री श्री राजपूत के अनुसार अब तक संभागवार पंजीयन इस प्रकार है:

  • उज्जैन संभाग – 1,48,905 किसान,
  • भोपाल संभाग – 1,09,134 किसान,
  • इंदौर संभाग – 54,587 किसान,
  • जबलपुर संभाग – 39,885 किसान,
  • नर्मदापुरम संभाग – 34,181 किसान,
  • सागर संभाग – 25,398 किसान,
  • रीवा संभाग – 13,260 किसान,
  • ग्वालियर संभाग – 9,695 किसान,
  • चंबल संभाग – 4,692 किसान,
  • शहडोल संभाग – 2,551 किसान.

 

कहाँ और कैसे कराएं पंजीयन? (नि:शुल्क और सशुल्क विकल्प)

सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए कुल 3186 पंजीयन केंद्र बनाए हैं। पंजीयन के लिए दो तरह की व्यवस्थाएं दी गई हैं:

नि:शुल्क पंजीयन व्यवस्था (Free Registration)

किसान इन स्थानों पर जाकर बिना किसी शुल्क के पंजीयन करा सकते हैं:

  • ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत कार्यालयों में स्थापित सुविधा केंद्र।
  • तहसील कार्यालयों में स्थित सुविधा केंद्र।
  • सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित केंद्र।

सशुल्क पंजीयन व्यवस्था (Paid Registration)

यदि किसान निजी केंद्रों पर जाना चाहते हैं, तो वे नाममात्र शुल्क देकर यहाँ पंजीयन करा सकते हैं:

  • एम.पी. ऑनलाइन (MP Online) कियोस्क।
  • कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) कियोस्क।
  • लोक सेवा केंद्र और निजी साइबर कैफे।

 

सूचना के लिए SMS और डोंडी का सहारा

किसानों तक जानकारी पहुँचाने के लिए खाद्य विभाग ने विशेष निर्देश दिए हैं। जिन किसानों के मोबाइल नंबर पिछले रिकॉर्ड में दर्ज हैं, उन्हें SMS के जरिए सूचित किया जा रहा है।

इसके अलावा गांवों में डोंडी पिटवाकर, पंचायतों के सूचना पटल पर नोटिस चस्पा कर और मंडियों में बैनर लगाकर किसानों को जागरूक किया जा रहा है।