गन्ना किसानों के लिए बड़ी राहत: केंद्र सरकार ने बढ़ाया FRP, अब मिलेगा ₹365 प्रति क्विंटल

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने किसानों के हित में एक बड़ा और संवेदनशील निर्णय लिया है। सरकार ने चीनी सत्र 2026-27 के लिए गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) 365 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय गन्ना किसानों की आय बढ़ाने, उन्हें बेहतर उत्पादन मूल्य दिलाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

श्री चौहान ने बताया कि यह फैसला आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति द्वारा लिया गया है और इसका सीधा लाभ देश के करोड़ों गन्ना उत्पादक किसानों को मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का स्पष्ट उद्देश्य किसानों की समृद्धि को सर्वोच्च प्राथमिकता देना है और यह निर्णय उसी दिशा में एक मजबूत कदम है।

FRP निर्धारण और प्रीमियम व्यवस्था

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि 10.25 प्रतिशत बेसिक रिकवरी दर पर 365 रुपये प्रति क्विंटल FRP तय किया गया है। साथ ही, 10.25 प्रतिशत से अधिक रिकवरी होने पर प्रत्येक 0.1 प्रतिशत वृद्धि के लिए 3.56 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त प्रीमियम दिया जाएगा। वहीं, 10.25 प्रतिशत से कम रिकवरी पर इसी अनुपात में FRP में कटौती का प्रावधान रखा गया है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए सरकार ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाया है। जिन चीनी मिलों में रिकवरी 9.5 प्रतिशत से कम होगी, वहां भी किसानों के FRP में कोई कटौती नहीं की जाएगी और उन्हें न्यूनतम 338.30 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान मिलेगा।

किसानों की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर असर

श्री चौहान ने कहा कि गन्ना उत्पादन की लागत लगभग 182 रुपये प्रति क्विंटल आंकी गई है, जबकि घोषित FRP 365 रुपये प्रति क्विंटल है, जो लागत से 100.5 प्रतिशत अधिक है। यह किसानों के लिए एक बड़ी राहत और लाभकारी निर्णय है। साथ ही, यह FRP पिछले सत्र की तुलना में 2.81 प्रतिशत अधिक है।

उन्होंने कहा कि देश का चीनी क्षेत्र लगभग 5 करोड़ गन्ना किसानों और उनके परिवारों तथा करीब 5 लाख श्रमिकों की आजीविका से जुड़ा हुआ है। इस निर्णय से न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।

बकाया भुगतान और सरकार की प्रतिबद्धता

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार लगातार गन्ना किसानों के बकाया भुगतान को लेकर गंभीर रही है। पिछले चीनी सत्र में लगभग 99.5 प्रतिशत भुगतान पूरा किया जा चुका है, जबकि वर्तमान सत्र में भी 88 प्रतिशत से अधिक भुगतान हो चुका है।