केरल तट पर तीन दिन की देरी से पहुंचा दक्षिण-पश्चिम मानसून अब तेजी पकड़ चुका है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, यदि इसकी वर्तमान रफ्तार बनी रही तो यह 15 जून तक मध्य प्रदेश की सीमा में प्रवेश कर सकता है।
इस समय प्रदेश के अधिकांश जिलों में प्री-मानसून गतिविधियों का असर देखने को मिल रहा है, जहां कई स्थानों पर बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं।
तापमान में गिरावट दर्ज की गई
शनिवार रात हुई बारिश के बाद राजधानी भोपाल के तापमान में साफ तौर पर गिरावट देखी गई। रविवार को शहर का न्यूनतम तापमान 21.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.8 डिग्री कम है।
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून रविवार तक केरल, कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में आगे बढ़ चुका है।
भोपाल मौसम केंद्र के मौसम विज्ञानी बीएस यादव के अनुसार, मानसून की मौजूदा रफ्तार को देखते हुए इसके 15 जून तक मध्य प्रदेश पहुंचने की संभावना है।
यह समय प्रदेश में मानसून के आगमन का सामान्य अवधि माना जाता है। इससे पहले इसके 20 से 22 जून के बीच पहुंचने का अनुमान जताया गया था।
कई जिलों में बारिश दर्ज
शनिवार रात से रविवार सुबह तक प्रदेश के कई जिलों में बारिश हुई। नर्मदापुरम में सबसे ज्यादा 20.6 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।
इसके अलावा भोपाल में 11.6 मिमी, राजगढ़ में 3.0 मिमी, रायसेन में 2.0 मिमी, उमरिया में 2.6 मिमी और जबलपुर में 1.0 मिमी बारिश दर्ज की गई।
प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में अधिकतम तापमान 35.8 से 41.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.0 से 29.4 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा।
वहीं पूर्वी क्षेत्रों में गर्मी का असर जारी रहा। खजुराहो 43.2 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म स्थान रहा, जबकि नौगांव में तापमान 43.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
कई जिलों में चली तेज हवाएं
मौसम विभाग के अनुसार हरदा, सीहोर, देवास और खंडवा में हवाओं की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई।
वहीं इंदौर, भोपाल, उज्जैन, सागर और नर्मदापुरम सहित कई जिलों में करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं।
अगले चार दिन बढ़ सकता है तापमान
मौसम विभाग के मुताबिक सोमवार को प्रदेश के निचले पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में गरज-चमक के साथ मौसम सक्रिय रहने की संभावना है, जबकि अन्य संभागों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा।
आगामी चार दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है।
