मिर्च को GI टैग, किसानों को 4 गुना मुआवजा और 42 लाख तक लोन
CM मोहन यादव ने बड़वानी की लाल मिर्च को GI टैग दिलाने, ₹5000 करोड़ की सिंचाई परियोजनाओं, 4 गुना भू-अर्जन मुआवजे व 50 एकड़ में बीज केंद्र की घोषणा की। पूरी जानकारी पढ़ें।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बलराम कृषि महोत्सव के दौरान बड़वानी जिले के किसानों को कई महत्वपूर्ण सौगातें देने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक खेती को बढ़ावा देने, सिंचाई क्षमता बढ़ाने और कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार दिलाने के लिए लगातार काम कर रही है।
- मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बड़वानी की प्रसिद्ध लाल मिर्च को GI टैग दिलाने,
- किसानों को बाजार दर से 4 गुना मुआवजा,
- 42 लाख रुपए तक डेयरी लोन,
- 33 प्रतिशत सब्सिडी,
- पीएम मित्रा पार्क से कपास किसानों को मिलने वाले लाभ और
- केला उत्पादकों के लिए मेगा फूड प्रोसेसिंग क्लस्टर जैसी कई बड़ी घोषणाएं कीं।
बड़वानी की लाल मिर्च को मिलेगा GI टैग
मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़वानी के किसान अब वैज्ञानिक खेती, आधुनिक ग्रेडिंग और बेहतर पैकेजिंग अपना रहे हैं। इससे यहां की लाल मिर्च की मांग देश और विदेश में लगातार बढ़ रही है।
राज्य सरकार अब बड़वानी की लाल मिर्च को GI टैग (Geographical Indication) दिलाने की दिशा में काम कर रही है। जीआई टैग मिलते ही बड़वानी की मिर्च को दुनिया के बाजारों में पेटेंट और ग्लोबल ब्रांड की पहचान मिलेगी।
5000 करोड़ की सिंचाई परियोजना और बीज केंद्र
खेतों के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने के संकल्प को दोहराते हुए सीएम ने प्रमुख सिंचाई योजनाओं का ब्योरा दिया:
- सिंचाई परियोजनाएँ: सेंधवा, निवाली, पाटी, नागलवाड़ी उद्वहन योजना और शहीद भीमा नायक सागर (लोअर गोई) परियोजनाओं पर 5,000 करोड़ रुपए की लागत से काम जारी है। इससे जिले के 319 गांवों की 1.21 लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि सिंचित होगी।
- आदर्श बीज उत्पादन केंद्र: किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीजों के लिए न भटकना पड़े, इसके लिए बड़वानी में 50 एकड़ का विशाल ‘आदर्श बीज उत्पादन केंद्र’ स्थापित किया जा रहा है।
- आदर्श मंडी: खेतिया कृषि उपज मंडी को आधुनिक सर्वसुविधायुक्त ‘आदर्श मंडी’ के रूप में अपग्रेड किया जाएगा।
कपास किसानों को मिलेगा पीएम मित्रा पार्क का फायदा
बड़वानी के किसान लगभग 5,000 हेक्टेयर क्षेत्र में ‘हाई डेंसिटी प्लांटिंग सिस्टम’ जैसी आधुनिक तकनीक से कपास की खेती कर रहे हैं।
- मार्केट लिंकेज: दक्षिण भारत कपड़ा मिल संघ से लिंकेज कराकर किसानों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और बेहतर दामों से जोड़ा जा रहा है।
- पीएम मित्रा पार्क (PM Mitra Park): पड़ोसी धार जिले में बन रहा देश का सबसे बड़ा पीएम मित्रा पार्क ‘खेत से फैक्ट्री तक’ विजन के तहत बड़वानी के कपास किसानों की उपज को सीधे खरीदेगा, जिससे कपास के ऐतिहासिक दाम मिलेंगे।
बड़वानी का केला बनेगा वैश्विक ब्रांड
बड़वानी में ड्रिप सिंचाई और टिश्यू कल्चर से उगाए गए केले की मांग खाड़ी देशों में लगातार बढ़ रही है।
- राजपुर तहसील के घटवा में एक ‘मेगा फूड प्रोसेसिंग क्लस्टर’ विकसित किया जा रहा है।
- यहाँ आधुनिक पैकहाउस, कोल्ड चेन और ग्रेडिंग यूनिट्स लगेंगी, जिससे बड़वानी का केला सीधे विदेशों में ब्रांड बनकर एक्सपोर्ट होगा।
किसानों के लिए सरकार योजनाएं
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के लिए कई अन्य योजनाओं पर भी कार्य कर रही है –
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एमपी किसान योजना |
मिलने वाला लाभ / विवरण |
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भूमि अधिग्रहण मुआवजा (Land Acquisition) |
विकास कार्यों के लिए अधिग्रहित भूमि पर बाजार दर से 4 गुना अधिक मुआवजा। |
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फसल ऋण (Crop Loan) |
अब पूरे साल के लिए 1 ही फसल ऋण स्वीकृत होगा, जिसे चुकाने के लिए 12 महीने मिलेंगे। |
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डेयरी फार्मिंग सब्सिडी (Dairy Subsidy) |
25 दुधारू पशुओं की डेयरी पर ₹42 लाख तक लोन और 33% सब्सिडी; प्रति गाय प्रोत्साहन राशि ₹20 से बढ़ाकर ₹40 की गई। |
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भावांतर योजना विस्तार |
सोयाबीन के बाद अब सरसों और धान को भी भावांतर भुगतान योजना में शामिल किया गया। |
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धान एवं कोदो–कुटकी प्रोत्साहन |
धान किसानों को ₹4,000/हेक्टेयर अलग से; कोदो–कुटकी पर ₹1,000/क्विंटल बोनस। |
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बिजली व खाद व्यवस्था |
खेतों को रोजाना 10 घंटे निर्बाध बिजली (24 घंटे का लक्ष्य); खाद पारदर्शिता के लिए ‘ई–विकास प्रणाली‘ लागू। |
