महेश्वर में किसानों का चक्काजाम, 10 घंटे बिजली की मांग को लेकर धरना

बिजली कंपनी के लिखित आश्वासन पर माने

महेश्वर तहसील के किसानों ने सिंचाई के लिए रात में मिल रही बिजली आपूर्ति के विरोध में सोमवार को बड़वाह-धामनोद मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया।

यह प्रदर्शन धरगांव के पास उमिया माता गेट पर सुबह 11 बजे शुरू हुआ था जाे शाम करीब 7:35 बजे खत्म हुआ। इसके बाद रास्ते से सभी वाहन निकलने लगे।

किसान दिन में 10 घंटे बिजली आपूर्ति की मांग कर रहे थे। किसान लगातार विधायक राजकुमार मेव को मौके पर बुलाने की मांग करते रहे।

इसके बाद बिजली कंपनी के अधीक्षण यंत्री राजेश हारोड़े ने किसानों को उनकी समस्याओं का 10 दिन के भीतर समाधान करने का लिखित आश्वासन दिया।

एसडीओपी श्वेता शुक्ला ने किसानों से धरना खत्म करने की अपील की। टीआई दीपक यादव, एसडीओपी शुक्ला की उपस्थिति में किसानों ने शाम 7:35 बजे चक्काजाम खत्म कर दिया।

चक्काजाम के कारण मुख्य मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई थी और यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया। चक्काजाम से परेशान लोग खेत की मेड़ से वाहन निकाल कर ले गए।

 

दिन में 10 घंटे बिजली मांग पर अड़े किसान

​किसानों की मुख्य मांग सिंचाई के लिए बिजली सप्लाई को तत्काल 10 घंटे दिन में करने की थी। किसानों ने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन को पूरी तरह शांतिपूर्ण बनाए रखा।

प्रदर्शन के दौरान उन्होंने एकता का परिचय देते हुए दो बार हनुमान चालीसा का पाठ किया और लगातार नारेबाजी की।

​हालांकि, शाम तक कोई समाधान न निकलने पर किसानों का धैर्य जवाब दे गया। शाम 4:30 बजे किसानों ने अपनी मांग को और प्रभावी बनाने के लिए अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया, जिसने आंदोलन उग्र हो गया।

 

तीस गांवों के किसान पहुंचे

​धरगांव के साथ-साथ सीतामऊ, पथराड़, सुलगांव, छोटी खरगोन, मंडलेश्वर और कतरगांव समेत लगभग 30 गांव से हजारों किसान मौके पर पहुंचे।

किसान गंभीर उपाध्याय और नरेंद्र सिरवी ने रात में सिंचाई के दौरान जंगली जानवरों, सर्पदंश और दुर्घटनाओं के खतरे का उल्लेख किया।

​स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों समेत पूरा अमला मौके पर मौजूद था। एसडीएम पूर्वा मंडलोई और एसडीओपी श्वेता शुक्ला ने किसानों से लगातार बात करने की कोशिश की।

इस दौरान ​एसडीएम मंडलोई ने बिजली विभाग के MD से फोन पर चर्चा भी की। लेकिन, वहां से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला।

कंपनी के अधीक्षण यंत्री राजेश हरोड़े ने कहा कि लोड अधिक होने के कारण व्यवस्था में तत्काल बदलाव संभव नहीं है, जिससे किसान असंतुष्ट रहे।

 

साढ़े आठ घंटे बाद मिला लिखित आश्वासन

​लगातार साढ़े आठ घंटे तक चले इस जाम से यात्री बेहाल रहे, लेकिन किसानों ने एम्बुलेंस और स्कूल बसों को तुरंत रास्ता दिया। ​

आखिरकार शाम 7:30 बजे किसानों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच सहमति बनी।

किसानों को लिखित आश्वासन दिया गया कि आगामी 10 दिनों के भीतर बिजली व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। इस लिखित आश्वासन के बाद धरना प्रदर्शन समाप्त कर जाम खोल दिया गया।

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