आधुनिक कृषि संस्थानों में प्रशिक्षण लेंगे प्रदेश के किसान

उद्यानिकी मंत्री का बड़ा ऐलान

उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि अब राज्य के किसानों को आधुनिक खेती और नई तकनीकों का प्रशिक्षण दिलाने के लिए सरकारी खर्च पर देश के उन्नत कृषि संस्थानों में भेजा जाएगा।

किसान आधुनिक खेती के तरीकों को अपनाकर अपनी आमदनी बढ़ा सकें इसके लिए सरकार द्वारा कई प्रयास किए जा रहे हैं।

इस कड़ी में मध्य प्रदेश सरकार किसानों को खेती की आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है।

सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने ऐलान किया है कि किसानों और अधिकारियों को उन्नत कृषि संस्थानों में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा, जिससे प्रदेश में उद्यानिकी और कृषि उत्पादन को नई दिशा एवं गति मिल सके।

दरअसल उद्यानिकी मंत्री कुशवाह शुक्रवार, 23 जनवरी को महाराष्ट्र के जलगांव स्थित जैन हिल्स (जैन वैली टाकरखेड़) गए थे।

जहां उन्होंने उन्नत उद्यानिकी योजनाओं के अंतर्गत संचालित अत्याधुनिक कृषि प्रणालियों, उपकरणों, नर्सरी और सिंचाई परियोजनाओं का निरीक्षण किया।

इस दौरान उन्होंने जैन इरिगेशन फार्म, रिसर्च सेंटर, टिश्यू कल्चर लैबोरेटरी, खाद्य प्रसंस्करण इकाई और उच्च उत्पादन आधारित आधुनिक खेती प्रणालियों का अवलोकन किया।

निरीक्षण के दौरान उद्यानिकी मंत्री ने प्रगतिशील किसानों से संवाद करते हुए उनके अनुभवों और नवाचारों की जानकारी प्राप्त की।

उन्होंने बताया कि आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रभावी उपयोग से किसान कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं, जिससे उनकी आय में स्थायी वृद्धि संभव है।

 

आधुनिक तकनीकों पर विशेष फोकस

उद्यानिकी मंत्री ने टिश्यू कल्चर तकनीक, नेट शेड फार्मिंग, बूंद-बूंद सिंचाई प्रणाली (ड्रिप इरिगेशन), केले की फसल में टाइम टैग तकनीक, तथा निर्यातोन्मुख फसलों के लिए अपनाई जा रही आधुनिक कृषि प्रणालियों का विस्तार से निरीक्षण किया।

उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों से चर्चा कर यह भी समझा कि किस प्रकार इन तकनीकों के माध्यम से उद्यानिकी फसलों में उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में वृद्धि की जा सकती है।

उन्होंने विदेशों में निर्यात के लिए अपनाई जा रही आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी भी प्राप्त की और संकेत दिए कि मध्यप्रदेश में भी इन तकनीकों को चरणबद्ध रूप से लागू किया जाएगा।

 

किसानों और विद्यार्थियों से किया संवाद

निरीक्षण के दौरान मंत्री कुशवाह ने सिक्किम, राजस्थान के झालावाड़, मध्यप्रदेश के उज्जैन, महाराष्ट्र के बुलढाणा सहित विभिन्न राज्यों से आए कृषि विद्यार्थियों और किसानों से संवाद किया।

उन्होंने उन्हें उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में नवाचार अपनाने, आधुनिक तकनीकों से जुड़ने और व्यावसायिक खेती की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

उद्यानिकी मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य किसानों को केवल उत्पादन तक सीमित न रखकर प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन (Value Addition) और निर्यात आधारित कृषि मॉडल से जोड़ना है, ताकि किसानों की आय को दीर्घकालिक रूप से बढ़ाया जा सके।