5 योजनाओं को 10,500 करोड़ की मंजूरी
मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए 10,500 करोड़ रुपये की 5 बड़ी योजनाओं को मंजूरी दी है। वहीं सरसों की सरकारी खरीद पर भावांतर और उड़द पर 600 रुपये बोनस का लाभ दिया जाएगा। जानें पूरी डिटेल्स।
मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूती देने के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है।
मंगलवार को विधानसभा में कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि किसानों से जुड़ी 5 प्रमुख योजनाओं को अब 31 मार्च 2031 तक जारी रखा जाएगा। इसके लिए कुल 10,500 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
सरसों पर भावांतर और उड़द पर भारी बोनस
सरकार ने रबी सीजन 2025-26 के लिए सरसों और उड़द उत्पादक किसानों को बड़ी राहत दी है:
- सरसों भावांतर योजना: 23 मार्च से 30 मई तक अधिसूचित मंडियों में सरसों के मॉडल रेट और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के अंतर की राशि किसानों के खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाएगी। यह दर 14 दिनों के औसत भाव के आधार पर तय होगी।
- उड़द पर बोनस: उड़द की MSP पर खरीद के साथ ही किसानों को 600 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस दिया जाएगा।
- अन्य दालें: अरहर और अन्य प्रमुख दालों की खरीद भी पूरी तरह समर्थन मूल्य (MSP) पर सुनिश्चित की जाएगी।
इन 5 योजनाओं को मिली मंजूरी
सरकार ने जिन योजनाओं को स्वीकृति दी है, उनमें शामिल हैं:
- प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना – ₹2,008.68 करोड़
- प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पर ड्रॉप मोर क्रॉप) – ₹2,393.97 करोड़
- राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन – ₹3,285.49 करोड़
- नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग – ₹1,011.59 करोड़
- राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन (ऑयल सीड) – ₹1,793.87 करोड़
इन योजनाओं के माध्यम से राज्य में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, खाद्य सुरक्षा सुदृढ़ीकरण और तिलहन उत्पादन में वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार का कहना है कि इन निर्णयों से किसानों की आय बढ़ेगी, उत्पादन लागत घटेगी और बाजार में उचित मूल्य सुनिश्चित होगा।
