क्या नेपाल में बैन हुआ भारतीय आम? कृषि मंत्रालय ने दी आधिकारिक बयान

क्या नेपाल ने भारतीय आम के आयात पर प्रतिबंध लगाया है? इसको लेकर सामने आई मीडिया रिपोर्ट्स को कृषि मंत्रालय ने पूरी तरह खारिज कर दिया है।

मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ये खबरें भ्रामक और तथ्यहीन हैं। दरअसल, हाल ही में कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि नेपाल ने भारत से आने वाले आमों के आयात पर रोक लगा दी है, जिससे किसानों और व्यापारियों में चिंता बढ़ गई थी।

अब केंद्र सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि भारतीय आम के निर्यात पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है और व्यापार सामान्य रूप से जारी है।

 

नेपाल सरकार ने आधिकारिक स्पष्टीकरण

नेपाल सरकार ने अपने पादप संगरोध और कीटनाशक प्रबंधन केंद्र (नेपाल राष्ट्रीय पादप संरक्षण संगठन) के माध्यम से यह स्पष्ट कर दिया है कि भारतीय आम के आयात पर किसी भी तरह का कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।

तय की गई पादप-स्वच्छता (Phytosanitary) आवश्यकताओं के तहत आम का आयात पहले की तरह ही सामान्य रूप से चल रहा है।

नियमों के अनुपालन और भारत सरकार द्वारा जारी वैध पादप-स्वच्छता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर नेपाल सरकार द्वारा तुरंत आयात परमिट और रिलीज आदेश जारी किए जा रहे हैं।

 

जनवरी से अब तक नेपाल भेजे गए 2005 मीट्रिक टन आम

भारत सरकार के अनुसार नेपाल को भारतीय आमों का निर्यात बिना किसी रुकावट के जारी है।

आंकड़ों के अनुसार:

  • जनवरी 2026 से अब तक: 149 खेपों में 2005 मीट्रिक टन आम निर्यात
  • जून 2026 में अब तक: 18 खेपों में 266 मीट्रिक टन आम निर्यात

ये आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि दोनों देशों के बीच आम का व्यापार सामान्य रूप से जारी है।

 

नई आयात शर्तों में शामिल किया गया गर्म पानी उपचार

नेपाल ने हाल ही में आम आयात के लिए कुछ नई शर्तें लागू की हैं। इनमें हॉट वाटर ट्रीटमेंट (Hot Water Treatment – HWT) यानी गर्म पानी उपचार की अनिवार्यता शामिल है।

भारत ने इन आवश्यकताओं का पालन करते हुए निर्यात प्रक्रिया को जारी रखा है ताकि व्यापार प्रभावित न हो।

 

भारत ने नई शर्तों पर जताई चिंता

भारत सरकार इन सभी नई निर्धारित आवश्यकताओं का पालन करते हुए निर्यात की सुविधा लगातार प्रदान कर रही है।

लेकिन इसके साथ ही, भारत ने बिना किसी पूर्व परामर्श के अचानक ऐसे नए पादप-स्वच्छता उपायों को लागू किए जाने पर अपनी चिंता व्यक्त की है।

भारत इस मामले को डब्ल्यूटीओ एसपीएस (WTO SPS) समझौते और अंतर्राष्ट्रीय पौध संरक्षण सम्मेलन (IPCC) के ढांचे के तहत उपयुक्त द्विपक्षीय चैनलों के माध्यम से नेपाल सरकार के समक्ष उठा रहा है।

 

सरकार की व्यापारियों और जनता को सलाह

कृषि मंत्रालय ने सभी हितधारकों, व्यापारियों और आम जनता को सख्त सलाह दी है कि वे आयात-निर्यात नियमों से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए केवल और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

नेपाल को भारतीय आम के निर्यात पर कथित व्यापार प्रतिबंधों को लेकर चल रही किसी भी अप्रमाणित और अपुष्ट रिपोर्टों को पूरी तरह से नजरअंदाज करें।