प्री-मानसून गतिविधियों ने जहां प्रदेश को भीषण गर्मी से राहत दिलाई है, वहीं तेज आंधी और बारिश के कारण नुकसान की खबरें भी सामने आ रही हैं। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक अधिकांश जिलों में सतर्क रहने की सलाह दी है।
हालांकि मध्य प्रदेश में मानसून अभी नहीं पहुंचा है, लेकिन प्री-मानसून एक्टिविटी का असर पूरे प्रदेश में साफ तौर पर दिखाई दे रहा है।
पिछले दो दिनों से चल रही तेज आंधी और बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है।
राजधानी भोपाल में गुरुवार शाम आई तेज आंधी और बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ। कई स्थानों पर पेड़ और टहनियां गिरने से यातायात बाधित रहा।
शाम के समय 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली हवाओं के कारण शहर में 200 से अधिक जगहों पर पेड़ या उनकी शाखाएं टूटकर गिर गईं, जिससे कई प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति बन गई और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
वहीं सीहोर, रायसेन और नर्मदापुरम सहित आसपास के जिलों में भी तेज बारिश दर्ज की गई, जिससे प्रदेशभर में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिली।
अगले चार दिन तक मौसम का असर जारी
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में फिलहाल प्री-मानसून सिस्टम सक्रिय बना हुआ है।
ट्रफ लाइन और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से शुक्रवार को भी भोपाल और इंदौर समेत करीब 45 जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है।
कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, सागर और दमोह जिलों के लिए तेज आंधी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
मानसून की दस्तक में देरी के संकेत
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस बार प्रदेश में मानसून सामान्य तिथि से कुछ दिन देर से पहुंच सकता है।
जहां आमतौर पर मध्य प्रदेश में मानसून 15 जून तक प्रवेश कर जाता है, वहीं इस बार इसके 20 से 22 जून के बीच आने की संभावना जताई जा रही है।
हालांकि, तब तक प्री-मानसून गतिविधियां प्रदेश में मौसम को सक्रिय बनाए रखेंगी।
