केंद्रीय कैबिनेट ने रबी विपणन सीजन 2027-28 के लिए गेहूं, सरसों, चना, मसूर, जौ और कुसुम की नई MSP दरों को मंजूरी दे दी है।
देखें सभी छह फसलों के नए समर्थन मूल्य और बढ़ोतरी की पूरी सूची।
केंद्र सरकार ने विपणन सीजन 2027-28 के लिए छह रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है।
गेहूं का समर्थन मूल्य ₹25 बढ़ाकर ₹2,610 प्रति क्विंटल, जबकि रेपसीड और सरसों का MSP ₹413 बढ़ाकर ₹6,613 प्रति क्विंटल किया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 30 सितंबर 2026 को यह फैसला लिया।
सबसे अधिक ₹675 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी कुसुम में हुई है। चना, मसूर और जौ के समर्थन मूल्य भी बढ़ाए गए हैं।
रबी MSP 2027-28: किस फसल का कितना बढ़ा समर्थन मूल्य?
किसानों के लिए नए और पिछले विपणन सीजन के समर्थन मूल्यों की तुलना नीचे दी गई है। सभी दरें रुपये प्रति क्विंटल में हैं।
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फसल |
नया MSP 2027-28 |
पिछला MSP 2026-27 |
बढ़ोतरी |
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गेहूं |
₹2,610 |
₹2,585 |
₹25 |
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जौ |
₹2,286 |
₹2,150 |
₹136 |
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चना |
₹5,958 |
₹5,875 |
₹83 |
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मसूर |
₹7,390 |
₹7,000 |
₹390 |
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रेपसीड/ सरसों |
₹6,613 |
₹6,200 |
₹413 |
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कुसुम |
₹7,215 |
₹6,540 |
₹675 |
ये दरें विपणन सीजन 2027-28 के लिए निर्धारित हैं। इन्हें पिछले विपणन सीजन 2026-27 की दरों से अलग समझना जरूरी है।
उत्पादन लागत के मुकाबले कितना रखा गया MSP?
सरकार के अनुसार, नई दरें अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत के कम से कम डेढ़ गुना MSP निर्धारित करने की नीति के अनुरूप हैं।
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फसल |
अनुमानित उत्पादन लागत प्रति क्विंटल |
लागत पर अपेक्षित मार्जिन |
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गेहूं |
₹1,264 |
106% |
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जौ |
₹1,447 |
58% |
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चना |
₹3,751 |
59% |
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मसूर |
₹3,854 |
92% |
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रेपसीड और सरसों |
₹3,367 |
96% |
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कुसुम |
₹4,810 |
50% |
यह मार्जिन सरकार की अखिल भारतीय भारित औसत लागत पर आधारित हैं।
किसी किसान का वास्तविक खर्च और लाभ उसके खेत, उपज और खेती की परिस्थितियों के अनुसार अलग हो सकता है।
उत्पादन लागत में किराए के श्रम, मशीन और बैल श्रम, पट्टे की जमीन का किराया, बीज, उर्वरक, खाद, सिंचाई, डीजल-बिजली, कार्यशील पूंजी पर ब्याज तथा अन्य खर्च शामिल हैं। इसमें पारिवारिक श्रम का अनुमानित मूल्य भी जोड़ा गया है।
