विदिशा में किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के पूर्ण डिजिटलीकरण के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है. कृषिका ऐप और जनसमर्थ पोर्टल के माध्यम से किसान अब घर बैठे डिजिटल आवेदन कर सकेंगे.
ग्राम पंचायतों में शिविर लगाकर किसानों को ऑनलाइन KCC प्रक्रिया की जानकारी दी जा रही है.
किसानों को डिजिटल बैंकिंग और आधुनिक कृषि वित्तीय सेवाओं से जोड़ने की दिशा में विदिशा जिले में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है.
भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के निर्देशों के अनुरूप अग्रणी जिला बैंक (लीड बैंक) द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के पूर्ण डिजिटलीकरण के लिए विशेष संतृप्ति अभियान चलाया जा रहा है.
इस अभियान का उद्देश्य जिले के सभी पात्र एवं इच्छुक किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा से जोड़ना है, ताकि उन्हें खेती-किसानी के लिए समय पर और आसान वित्तीय सहायता उपलब्ध हो सके.
ग्राम पंचायतों में लग रहे विशेष शिविर
अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) बी.एस. बघेल ने बताया कि अभियान के तहत जिले की ग्राम पंचायतों में प्रतिदिन विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं. इन शिविरों में किसानों को डिजिटल माध्यम से KCC आवेदन की पूरी प्रक्रिया समझाई जा रही है.
किसानों को मोबाइल ऐप (Install) के माध्यम से आवेदन करने, दस्तावेज अपलोड करने और आवेदन की स्थिति जानने की जानकारी भी दी जा रही है.
इस अभियान में एनजीओ पार्टनर आरोह फाउंडेशन भी सक्रिय सहयोग कर रहा है.
वहीं जिले में संचालित सभी वाणिज्यिक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRBs) और सहकारी बैंक (StCBs/DCCBs) की शाखाओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे इन शिविरों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें और किसानों के डिजिटल आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकार करें.
खरीफ 2026 से पहले पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल
आगामी खरीफ सीजन 2026 को ध्यान में रखते हुए किसान क्रेडिट कार्ड से जुड़ी संपूर्ण प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है.
राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन के एजेंडे के अनुरूप अब KCC आवेदन के लिए ‘कृषिका’ (KRISHIKA) मोबाइल ऐप और जनसमर्थ (Jan Samarth) पोर्टल को प्रमुख माध्यम बनाया गया है.
इस नई व्यवस्था के तहत किसान घर बैठे अपने मोबाइल से आवेदन कर सकेंगे. वहीं जिन किसानों के पास डिजिटल संसाधनों की कमी है, उन्हें ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित शिविरों और बैंक प्रतिनिधियों के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराई जा रही है.
रीयल-टाइम मॉनिटरिंग से बढ़ेगी पारदर्शिता
कृषिका ऐप को किसान ऋण पोर्टल (KRP) से एकीकृत किया गया है, जिससे बैंकों को आवेदनों की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग की सुविधा मिलेगी.
इस तकनीक के माध्यम से एक ही भूमि पर एक से अधिक ऋण स्वीकृत होने जैसी अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सकेगी.
इस डिजिटल प्रणाली से ऋण वितरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनेगी. साथ ही पात्र किसानों तक समय पर ऋण पहुंचाने में भी सहायता मिलेगी.
किसानों को दी जा रही डिजिटल आवेदन की जानकारी
ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित शिविरों में किसानों को कृषिका ऐप डाउनलोड करने, पंजीयन कराने, आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने तथा ऑनलाइन KCC आवेदन की पूरी प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया जा रहा है.
बैंक अधिकारियों और फील्ड कर्मचारियों द्वारा किसानों को चरणबद्ध तरीके से मार्गदर्शन भी प्रदान किया जा रहा है.
इस पहल का उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ना और कृषि ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया को सरल बनाना है.
किसानों से अभियान में शामिल होने की अपील
अग्रणी जिला बैंक कार्यालय ने जिले के सभी किसानों से इस विशेष अभियान का लाभ उठाने की अपील की है.
किसानों से कहा गया है कि वे अपने नजदीकी बैंक शाखा, कृषि मित्र, ग्राम पंचायत शिविर अथवा स्वयं कृषिका ऐप के माध्यम से डिजिटल KCC आवेदन करें.
अधिकारियों का मानना है कि यह अभियान किसानों को डिजिटल वित्तीय सेवाओं से जोड़ने के साथ-साथ कृषि ऋण प्रणाली को अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
इससे किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध होगा और खेती के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधनों तक उनकी पहुंच आसान बनेगा.
