चंदन की खेती से किसान मालामाल हो रहे हैं. चंदन के पौधे 10 से 12 सालों में तैयार होकर 300000 रुपये तक आसानी से बिक जाते हैं जो कि किसानों के लिए बेहतर आमदनी का एक जरिया बन रहा है.
कभी फिल्मों में दिखने वाली चंदन की लकड़ी की चमक-दमक तक सीमित रहने वाला यह पेड़ अब किसानों के लिए कमाई का मजबूत जरिया बनता जा रहा है.
सफेद चंदन की बढ़ती मांग और ऊंची कीमतों ने इसे खेती की दुनिया में ‘ग्रीन गोल्ड’ बना दिया है.
फिरोजाबाद जिले के बाबई गांव के किसान रविंद्र ने अपने खेत में सफेद चंदन की बागवानी कर एक नई मिसाल पेश की है.
उन्होंने करीब पांच साल पहले अपने फार्म पर चंदन के पौधे लगाए थे. आज ये पौधे तेजी से बढ़कर मजबूत आकार ले चुके हैं.
उनका कहना है कि मैदानी इलाकों में भी सही देखभाल के साथ चंदन की खेती सफलतापूर्वक की जा सकती है.
10–12 साल में तैयार, लाखों में आमदनी
रविंद्र के अनुसार, सफेद चंदन का पौधा लगभग 10 से 12 साल में पूरी तरह तैयार हो जाता है. बाजार में एक पौधा करीब 200 से 250 रुपये में उपलब्ध हो जाता है.
लेकिन जब यह पेड़ परिपक्व होता है, तो इसकी लकड़ी और हृदयकाष्ठ (हार्टवुड) की कीमत के आधार पर एक पेड़ से 2 से 3 लाख रुपये तक की आमदनी संभव है.
यही वजह है कि चंदन की बागवानी किसानों को लंबी अवधि में लाखपति ही नहीं, बल्कि बड़े स्तर पर लगाने पर करोड़पति भी बना सकती है.
मैदानी इलाकों में भी सफल खेती
विशेषज्ञों का मानना है कि उचित जल निकास, सहफसली पौधों (होस्ट प्लांट) और शुरुआती देखभाल के साथ चंदन की खेती उत्तर प्रदेश जैसे मैदानी राज्यों में भी सफल हो रही है.
चंदन अर्ध-परजीवी पौधा है, इसलिए इसे अन्य पौधों के साथ लगाया जाता है, जिससे इसकी वृद्धि बेहतर होती है.
क्यों बढ़ रही है मांग?
- इत्र और परफ्यूम उद्योग में उपयोग
- धार्मिक कार्यों में चंदन की लकड़ी की मांग
- आयुर्वेदिक औषधियों में इस्तेमाल
निर्यात बाजार में ऊंची कीमत
चंदन की बढ़ती मांग और सीमित उत्पादन के कारण इसके दाम लगातार मजबूत बने हुए हैं. ऐसे में किसान पारंपरिक फसलों के साथ चंदन को दीर्घकालिक निवेश के रूप में अपना रहे हैं.
किसानों के लिए सुनहरा अवसर
कम लागत में पौधा, सीमित रखरखाव और लंबी अवधि में भारी मुनाफा – ये तीन कारण चंदन को किसानों के बीच लोकप्रिय बना रहे हैं.
यदि किसान वैज्ञानिक सलाह और कानूनी नियमों का पालन करते हुए इसकी खेती करें, तो आने वाले वर्षों में चंदन उनकी आर्थिक स्थिति बदल सकता है.
